2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जयंती के अवसर पर पूरा देश उन्हें श्रद्धा से याद कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और कई प्रमुख नेताओं ने राजघाट पहुंचकर गांधी को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री मोदी ने बापू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि गांधी ने साहस और सादगी के बल पर न केवल भारत बल्कि पूरी मानवता के लिए मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि हम बापू के रास्ते पर चलते हुए आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गांधी जयंती को उन मूल्यों को दोहराने का अवसर बताया, जो महात्मा गांधी ने जीवन भर आत्मसात किए जैसे सत्य, अहिंसा, सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भरता। उन्होंने कहा कि बापू ने अस्पृश्यता, अशिक्षा और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया और अपने आचरण व विचारों के माध्यम से समाज को नई दिशा दी। चरखे के माध्यम से उन्होंने श्रम और स्वदेशी को आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनाया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी भावपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत का स्वतंत्रता संग्राम दुनिया के लिए यह उदाहरण है कि केवल सत्य, अहिंसा और स्वदेशी जैसे मूल्यों के सहारे भी सदियों की गुलामी से मुक्ति पाई जा सकती है। उन्होंने गांधी को मानवता और नैतिक नेतृत्व का प्रतीक बताते हुए कहा कि आज उनका मार्गदर्शन पहले से भी अधिक प्रासंगिक है।
गांधी जयंती सिर्फ एक तिथि नहीं बल्कि एक प्रेरणा है अपने विचारों, कर्मों और सेवा से राष्ट्र को नई ऊंचाई तक ले जाने का संकल्प। आइए, इस अवसर पर हम भी यह प्रण लें कि हम सत्य, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और करुणा के मूल्यों को अपने जीवन में उतारेंगे और बापू के सपनों के भारत को साकार करने में सहभागी बनेंगे।