सुल्तानपुर में जीएसटी पर खास संवाद मंत्री ए.के. शर्मा बोलें- ‘एक राष्ट्र, एक कर’ से व्यापार हुआ आसान

Vin News Network
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GST संवाद कार्यक्रम में व्यापारियों को संबोधित करते मंत्री ए.के. शर्मा
Highlights
  • मंत्री ए.के. शर्मा- 'GST ने देश की कर व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाया है।'
  • ए.के. शर्मा का संदेश - 'Ease of Doing Business' सिर्फ नारा नहीं, हमारी प्राथमिकता है।

सुल्तानपुर। देश में आर्थिक सुधारों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम के तहत नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने सुल्तानपुर नगर पालिका परिषद में व्यापारियों के साथ संवाद किया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू किए गए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) रिफॉर्म की सफलता और उसके लाभों को साझा करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस संवाद कार्यक्रम में स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों, उद्योग संघों, व्यापारी मंडलों और अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। मंत्री शर्मा ने जीएसटी रिफॉर्म को देश की कर व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन बताते हुए कहा कि इससे व्यापार जगत को सरलता, पारदर्शिता और एकरूपता की सुविधा मिली है।

एक राष्ट्र, एक कर की अवधारणा
मंत्री शर्मा ने कहा कि जीएसटी लागू होने से पहले देश की कर प्रणाली जटिल और अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग दरों वाली थी जिससे व्यापारियों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब ‘एक राष्ट्र, एक कर’ की अवधारणा के तहत पूरे देश में एक समान कर व्यवस्था लागू है। इससे न केवल व्यापारियों को सुविधा मिली है बल्कि उपभोक्ताओं को भी वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य में स्थिरता देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि जीएसटी रिफॉर्म से पारंपरिक व्यापार करने वालों से लेकर ऑनलाइन कारोबार करने वाले उद्यमियों तक सभी को समान अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इससे टैक्स नेटवर्क का विस्तार हुआ है और सरकारी राजस्व में भी वृद्धि हुई है जो अंततः विकास योजनाओं को गति देने में सहायक सिद्ध हो रहा है।

व्यापारियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
संवाद के दौरान उपस्थित व्यापारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद व्यवसाय करने की प्रक्रिया कहीं अधिक सरल और सुविधाजनक हो गई है। अब पहले जैसी टैक्स की जटिलता नहीं रही, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो रही है।व्यापारियों ने यह भी बताया कि ई-इनवॉइसिंग, ई-वे बिल, और ऑनलाइन रिटर्न फाइलिंग जैसे डिजिटल कदमों ने उन्हें पारदर्शी और संगठित व्यापार करने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। एक स्थानीय व्यापारी ने कहा,’पहले हमें अलग-अलग करों की गणना और रसीदों का ध्यान रखना पड़ता था लेकिन अब जीएसटी ने इस प्रक्रिया को एकीकृत कर दिया है। इससे हम अपने व्यापार पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।’

सरकार की प्रतिबद्धता
सहयोग और सशक्तिकरण : मंत्री ए.के. शर्मा ने व्यापारियों को यह भरोसा दिलाया कि राज्य और केंद्र सरकारें व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य व्यापारियों और उद्यमियों को सशक्त बनाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार “Ease of Doing Business” की दिशा में निरंतर काम कर रही है, और जीएसटी इसका एक सशक्त उदाहरण है। भविष्य में भी इसी तरह के सुधारों के माध्यम से देश में औद्योगिक और व्यापारिक माहौल को और अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया जाएगा। मंत्री शर्मा ने यह भी बताया कि व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य स्तर पर हेल्प डेस्क, जीएसटी काउंसलिंग और समय-समय पर ट्रेनिंग सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे व्यापारियों से निरंतर संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।

डिजिटल भारत की दिशा में कदम
मंत्री शर्मा ने जीएसटी को ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान का एक सशक्त हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि कर प्रणाली को डिजिटल और पारदर्शी बनाकर सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और ईमानदार करदाताओं को सम्मान देने का प्रयास किया है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे डिजिटल पंजीकरण, ऑटोमेटेड टैक्स रिटर्न्स और रियल टाइम डेटा एनालिटिक्स ने टैक्स चोरी पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे देश की वित्तीय स्थिति और मजबूत हो रही है।

स्थानीय विकास के लिए व्यापारियों की भूमिका
कार्यक्रम के अंत में मंत्री ए.के. शर्मा ने यह भी कहा कि व्यापारियों का सहयोग स्थानीय विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि सरकार और व्यापारी जब मिलकर कार्य करते हैं, तभी समग्र विकास संभव होता है। उन्होंने सुल्तानपुर की जनता और व्यापारिक समुदाय को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी हर आवश्यकता और अपेक्षा को प्राथमिकता देगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

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