नोएडा। ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना क्षेत्र के रूपवास गांव की रहने वाली निक्की भाटी की हत्या की कहानी बेहद दर्दनाक और हैरान करने वाली है। पुलिस जांच और परिजनों के आरोप बताते हैं कि निक्की हत्याकांड में निक्की के पति विपिन भाटी ने उसकी हत्या की योजना पिछले साल जून-2024 में ही बना ली थी। वजह थी उसका प्रेम प्रसंग उजागर होना। निक्की और उसकी बहन कंचन ने विपिन को दनकौर में प्रेमिका के साथ रंगे हाथ पकड़ा था। इस राजफाश के बाद ही विपिन ने निक्की को अपने रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
अफेयर का खुलासा और पारिवारिक कलह
जून-2024 की घटना पूरे मामले की जड़ है। निक्की ने ही अपने पिता भिखारी सिंह को बताया था कि उसका पति दनकौर में प्रेमिका से मिलता है। एक दिन निक्की और उसके भाइयों ने विपिन का पीछा किया और जब वह मकान में घुसा तो उसे प्रेमिका के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद दोनों को सिरसा गांव ले जाकर परिवार और रिश्तेदारों के सामने पेश किया गया। परिवार ने विपिन को फटकार लगाई और प्रेमिका को छोड़ दिया गया। लेकिन इसी दिन से विपिन का व्यवहार निक्की के प्रति क्रूर और हिंसक हो गया।
दहेज का दानव
निक्की की शादी 27 दिसंबर 2016 को सिरसा गांव निवासी विपिन भाटी से हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष 35 लाख रुपये दहेज की मांग कर रहा था। निक्की को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। पिता भिखारी सिंह का कहना है कि जब भी दहेज की मांग पूरी नहीं होती थी, विपिन और उसके परिवारजन निक्की को गाली-गलौज, मारपीट और प्रताड़ना देते थे।
मौत का दिन: जिंदा जलाई गई निक्की
पिछले हफ्ते यह प्रताड़ना अपने चरम पर पहुंच गई। आरोप है कि विपिन और उसकी मां दया ने मिलकर निक्की को जिंदा आग के हवाले कर दिया। गंभीर रूप से झुलसने के बाद पड़ोसियों और निक्की की बहन कंचन ने उसे अस्पताल पहुंचाया। इलाज के लिए दो अस्पताल बदले गए, लेकिन जिंदगी की जंग हारकर निक्की ने दम तोड़ दिया।
गांव में मातम और सांत्वना देने वालों का तांता
निक्की की मौत के बाद रूपवास गांव में मातम का माहौल है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के नेता लगातार पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। पूर्व कैबिनेट मंत्री नवाब सिंह नगर, सपा नेत्री सुनीता यादव, किसान नेता राजकुमार सिंह, सहित कई नेता पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी।
आरोपी पति का चौंकाने वाला बयान
पुलिस ने विपिन को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी थी और उसे डाढ़ा अस्पताल ले जाया गया। यहां मीडिया से बातचीत में उसने निर्दयता भरा बयान दिया – “मुझे पत्नी की मौत का कोई पछतावा नहीं है। वह खुद मर गई। पति-पत्नी में झगड़े तो आम बात हैं।” इस बयान ने पूरे इलाके में गुस्से और आक्रोश की लहर फैला दी।
गिरफ्तारी और जेल
पुलिस ने निक्की हत्याकांड में आरोपी पति विपिन भाटी, उसकी मां दया, ससुर सतवीर और जेठ रोहित को गिरफ्तार कर लिया है। सभी को कोर्ट में पेश किया गया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
समाज के सामने बड़ा सवाल
निक्की हत्याकांड सिर्फ एक पारिवारिक विवाद या अफेयर की कहानी नहीं है। यह हमारे समाज के सामने कई बड़े सवाल खड़े करता है – क्या आज भी दहेज प्रथा और लालच, घरों को उजाड़ रहा है? क्या महिलाएं पति की “प्रॉपर्टी” समझी जाती हैं? क्यों कानून और समाज मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने में नाकाम हैं? निक्की की मौत केवल एक महिला की हत्या नहीं है, यह प्रेम-प्रसंग, दहेज और पितृसत्ता के उस त्रिकोण की कहानी है, जिसने एक परिवार की बेटी की जिंदगी निगल ली। गांव की गलियों में मातम है, लेकिन इस घटना ने समाज के सामने यह सवाल जरूर छोड़ दिया है कि कब तक बेटियां दहेज और धोखे की आग में जलती रहेंगी? ऐसी घटनाएं दिखाती हैं कि आज भी महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता है।