खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने लेह में शुरू होने वाले खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 के अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया

Vin News Network
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लेह में खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 का उद्घाटन, फिगर स्केटिंग और आइस हॉकी में 1000+ एथलीट भाग ले रहे हैं

आइस स्केटिंग कार्यक्रम में फिगर स्केटिंग को भी शामिल किया गया है, जो ओलंपिक खेलों में एक महत्वपूर्ण खेल है; मेजबान लद्दाख का लक्ष्य पिछले सीजन की तरह इस सीजन में भी पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त करना है

जम्मू-कश्मीर के लेह में मंगलवार को शुरू हो रहे खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 के लद्दाख चरण में एथलीटों, कोचों एवं तकनीकी अधिकारियों सहित 1000 से अधिक पुरुष एवं महिलाएं हिस्सा ले रहे हैं। नवांग दोरजे स्टोबदान (एनडीएस) स्टेडियम, आर्मी रिंक और बर्फ़ से ढंका हुआ गुपुख झील 26 जनवरी को खेलों के समापन तक आकर्षण का केंद्र रहेंगे। केआईडब्ल्यूजी 2026 का उद्घाटन समारोह मंगलवार दोपहर को होगा।

बर्फ पर खेले जाने वाले दो खेलों स्केटिंग और हॉकी में 472 एथलीट हिस्सा लेंगे। इस वर्ष का नया आकर्षण ओलंपिक स्पर्धा फिगर स्केटिंग को शामिल करना है। पिछले वर्ष केआईडब्ल्यूजी के लद्दाख चरण में, मेजबान ने 13 में से चार स्वर्ण पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था जबकि तमिलनाडु और महाराष्ट्र क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे थे।

खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 का पहला चरण केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के युवा सेवा एवं खेल विभाग द्वारा भारतीय खेल प्राधिकरण की देखरेख में आयोजित किया जा रहा है। खेलों का संचालन करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता राष्ट्रीय खेल संवर्धन निकायों/संघों द्वारा प्रदान की जाती है जो हिम खेलों का प्रबंधन करते हैं।

केआईडब्ल्यूजी 2026, खेलो इंडिया कैलेंडर का इस वर्ष का दूसरा आयोजन है। पहला आयोजन 5 से 10 जनवरी तक दीव में आयोजित खेलो इंडिया बीच गेम्स था। सभी खिलाड़ियों और उनके सहायक कर्मचारियों के लिए, लेह गेम्स यह देखने का अवसर होगा कि खिलाड़ी चुनौतीपूर्ण उच्च ऊंचाई वाली जलवायु परिस्थितियों जैसे कि माइनस डिग्री तापमान और कम ऑक्सीजन में कैसा प्रदर्शन करते हैं।

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, “साल की शुरुआत भारतीय खेलों के लिए जबरदस्त शुरुआत के साथ हुई है, पहले महीने में दो खेलो इंडिया गेम्स का आयोजन हुआ, जिसमें हाल ही में दीव में समाप्त हुए खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 भी शामिल है। खेलो इंडिया विंटर गेम्स एक और महत्वपूर्ण आयाम जोड़ता है, जिससे खिलाड़ियों को शीतकालीन खेलों में प्रतिस्पर्धा करने एवां उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर मिलता है, जो क्षेत्र भारत में ऐतिहासिक रूप से सीमित प्रतिस्पर्धी अनुभव वाला रहा है। यह केंद्र की मोदी सरकार के निरंतर एवं केंद्रित प्रयासों के कारण ही संभव हुआ है कि आज भारत एक राष्ट्रीय स्तर पर मल्टी स्पोर्ट विंटर गेम्स की मेज़बानी करता है और देश के घरेलू प्रतियोगिता संरचना में शीतकालीन खेलों को मजबूती से शामिल किया जा रहा है।

केआईडब्ल्यूजी लद्दाख में आइस हॉकी मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, लेकिन फिगर स्केटिंग को भी एक स्वागत योग्य खेल के रूप में देखा जा रहा है। पिछले साल फरवरी में चीन के हार्बिन में आयोजित एशियाई शीतकालीन खेलों में भारत ने 23 आइस स्केटर्स और कुल 59 एथलीट भेजे थे, जो खेलों के लिए अब तक की सबसे बड़ी टीम थी। अमेरिका में रहने वाली तारा प्रसाद ने आठवां स्थान प्राप्त किया, जो एशियाई खेलों में फिगर स्केटिंग में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। पुरुषों में मंजेश तिवारी 15वें स्थान पर रहे।

लद्दाख के वरिष्ठ राष्ट्रीय कोच मोहम्मद अब्बास नोर्डक ने कहा, ” चीन के हार्बिन में हमने भले ही पदक न जीते हों, लेकिन हमने यह साबित किया है कि हम प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। अधिक प्रतिस्पर्धा का मतलब अधिक अवसर है और इसीलिए खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों का यह संस्करण एक मील का पत्थर है।” 

केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मांडविया ने आगे कहा, “आने वाले महीनों में, खेलो इंडिया का विस्तार कई प्रारूपों में किया जाएगा, जिसकी शुरुआत अगले महीने होने वाले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से होगी और इसके बाद पूरे देश में अन्य प्रारूपों का आयोजन किया जाएगा। खेलो इंडिया का कैलेंडर को अंतिम रूप दिया गया है और संस्थागत बनाया गया है और यह प्रतियोगिता चक्र खेल जगत में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगा, जिससे घरेलू खेल व्यवस्था मजबूत होगी और योग्य खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा करने, प्रगति करने एवं उत्कृष्टता प्राप्त करने के कई अवसर मिलेंगे।”

प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से हरियाणा (62), हिमाचल प्रदेश (55) और मेजबान लद्दाख (52) के एथलीटों की संख्या सबसे अधिक है। केआईडब्ल्यूजी 2026 के लद्दाख चरण में 17 स्वर्ण पदक शामिल होंगे, इनमें से 15 आइस स्केटिंग के लिए दिए जाएंगे।

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