पोस्ट-बजट सत्र में बाजार की संभली शुरुआत: सेंसेक्स 350 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,900 के ऊपर

Vin News Network
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बजट 2026 के बाद सोमवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी

बजट 2026 में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने के प्रावधान के बाद आई तेज गिरावट के एक दिन बाद सोमवार को घरेलू शेयर बाजार ने सकारात्मक लेकिन अस्थिर शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 350 अंक चढ़कर 81,112.03 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 91 अंकों की बढ़त के साथ 24,910.85 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। हालांकि शुरुआती तेजी के बावजूद बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा।

सोमवार को खुलते ही बाजार में चुनिंदा हैवीवेट शेयरों में खरीदारी देखी गई, जिससे प्रमुख सूचकांकों को सहारा मिला। सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। टॉप गेनर्स में अदाणी पोर्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), इंडिगो और पावरग्रिड शामिल रहे, जिनमें 2.35 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।

आईटी और एफएमसीजी शेयरों पर दबाव
दूसरी ओर, कुछ प्रमुख आईटी और एफएमसीजी शेयरों में कमजोरी बनी रही। सेंसेक्स के टॉप लूजर्स में इंफोसिस, ट्रेंट, टाइटन, आईटीसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर शामिल रहे, जो 1.46 प्रतिशत तक फिसलते नजर आए। विश्लेषकों के अनुसार, हालिया बजट घोषणाओं और वैश्विक संकेतों को लेकर अनिश्चितता के कारण निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।

एडवांस-डिक्लाइन अनुपात में कमजोरी
भले ही प्रमुख सूचकांकों में बढ़त देखने को मिली, लेकिन बाजार की व्यापक तस्वीर पूरी तरह मजबूत नहीं रही। बीएसई पर कारोबार कर रहे कुल 3,317 शेयरों में से 1,427 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 1,286 शेयरों में गिरावट रही। यह आंकड़ा दर्शाता है कि एडवांस-डिक्लाइन अनुपात अभी भी गिरावट के पक्ष में बना हुआ है।

सोमवार के सत्र में 35 शेयरों ने अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर को छुआ, जबकि 119 शेयर 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में सेक्टर और स्टॉक-विशेष गतिविधियां बनी हुई हैं।

तकनीकी संकेतकों पर विश्लेषक की राय
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने बाजार की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा, “निकट अवधि में घरेलू तकनीकी संकेतकों से कुछ समर्थन मिलने के बावजूद बाजार की धारणा सतर्क बनी हुई है। आगे बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक इक्विटी संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और संस्थागत निवेश प्रवाह पर निर्भर करेगी।”

उन्होंने यह भी बताया कि बजट के बाद आई तेज गिरावट का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बचते नजर आ रहे हैं।

बजट के बाद निफ्टी में आई थी तेज गिरावट
रविवार को बजट 2026 में STT बढ़ाने की घोषणा के बाद निफ्टी में आक्रामक बिकवाली देखने को मिली थी। निफ्टी करीब 870 अंक लुढ़ककर 25,440 से इंट्रा-डे के निचले स्तर 24,571 तक पहुंच गया था। हालांकि बाद में आंशिक रिकवरी देखने को मिली और सूचकांक 24,825 पर बंद हुआ।

आकाश शाह के अनुसार, “इस दौरान एक मजबूत बेयरिश कैंडल बनी, जिसमें निफ्टी 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के नीचे निर्णायक रूप से बंद हुआ। यह ट्रेंड की मजबूती में गिरावट का संकेत देता है।” उन्होंने बताया कि तत्काल रेजिस्टेंस 24,950 से 25,000 के दायरे में है, जबकि प्रमुख सपोर्ट 24,650 से 24,700 के बीच देखा जा रहा है।

वोलैटिलिटी और RSI संकेत
तकनीकी संकेतकों की बात करें तो निफ्टी का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) फिसलकर 31 पर आ गया, जो ओवरसोल्ड स्थिति को दर्शाता है। वहीं, इंडिया VIX में 10.73 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 15.09 के स्तर पर पहुंच गया, जो बाजार में बढ़ी हुई अस्थिरता को दिखाता है।

एफआईआई और डीआईआई की बिकवाली
1 फरवरी, रविवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 588 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। इसके साथ ही घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) भी नेट सेलर रहे और उन्होंने 682 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। दोनों वर्गों की लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ा हुआ है।

कुल मिलाकर, पोस्ट-बजट सत्र में बाजार ने भले ही हरे निशान में शुरुआत की हो, लेकिन तकनीकी संकेतक, संस्थागत बिकवाली और वैश्विक कारक आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते रहेंगे।

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