भोपाल : विकसित कृषि संकल्प अभियान को सफल बताते हुए कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक साथ 10 बड़े फैसले ले लिए। बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उन्होंने इसकी जानकारी दी। चौहान ने कहा कि इस अभियान से हमें भी काफी कुछ सीखने को मिला। अब इन सबक के आधार पर आगे काम होगा। किसानों से लगातार संपर्क बनाए रखने के लिए चौहान ने कृषि विज्ञान केंद्रों को पहले के मुकाबले ज्यादा एक्टिव रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि अब अनिवार्य रूप से कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक सप्ताह में तीन दिन खेतों में जाएंगे और किसानों से संवाद करेंगे।
कृषि मंत्री ने लिए ये बड़े फैसले
ज्ञान, अनुसंधान और क्षमताओं के गैप को पाटने की कोशिश करेंगे।
हर जिले में कृषि विज्ञान केंद्रों को एक टीम के रूप में नोडल एजेंसी बनाएंगे।
केवीके का एक जैसा स्वरूप होगा। अभियान के बाद भी ये टीम साथ काम करेगी।
केवीके के वैज्ञानिक अनिवार्य रूप से सप्ताह में तीन दिन खेतों और किसानों के बीच में जाएंगे।
कृषि मंत्री के तौर पर मैं खुद सप्ताह में दो दिन खेतों में जाऊंगा और किसानों से संवाद करूंगा।
अफसरों को भी कहा है कि वह खुद फील्ड पर जाएं और किसानों से संवाद करें।
राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय करने के लिए किसानों के लिए काम करने वाले जितने विभाग हैं, उनका एकसाथ काम करना जरूरी है।
राज्यवार कृषि के लिए आईसीएआर की तरफ से नोडल अफसर तय होगा। जो वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ संबंधित राज्यों की समस्याओं को दूर करने की कोशिश करेगा।
राज्यों के साथ मिलकर रोडमैप बनाया जाएगा।