नई दिल्ली। शिल्पकारों और कारीगरों के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में एक बेहद ही शानदार स्कीम की शुरुआत की थी। इस स्कीम का नाम प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना है। पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत शिल्पकारों और कारीगरों को कई शानदार फायदे मिलते हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत लाभार्थी शिल्पकार और कारीगरों को 15 हजार रुपये का टूलकिट प्रोत्साहन दिया जाता है। टूलकिट प्रोत्साहन के अलावा लाभार्थी को ट्रेनिंग भी दी जाती है। ट्रेनिंग के समय लाभार्थी को रोजाना 500 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाता है।
पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत लाभार्थी को विश्वकर्मा सर्टिफिकेट और आईडी भी दी जाती है। यही नहीं इस स्कीम के अंतर्गत लाभार्थी को कुल 3 लाख रुपये का लोन प्रदान किया जाता है। पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत मिलने वाले 3 लाख रुपये के लोन को 2 चरणों में दिया जाता है। इसमें प्रथम चरण में 1 लाख रुपये का लोन व्यवसाय को शुरू करने के लिए दिया जाता है। वहीं 2 लाख रुपये का लोन व्यवसाय के विस्तार के लिए दिया जाता है।
अगर आप पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपके पास कुछ दस्तावेज होने चाहिए। इन दस्तावेजों में आधार कार्ड, पहचान पत्र, बैंक खाता विवरण, उद्योग या व्यवसाय प्रमाण पत्र (यदि हो), मोबाइल नंबर, राशन कार्ड, जाति प्रमाण आदि शामिल हैं। इन दस्तावेजों के न होने पर आवेदन को रद्द किया जा सकता है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करने की कोई फीस नहीं लगती है। यह पूरी तरह से मुफ्त है। अगर लाभार्थी का बैंक खाता नहीं है, तो आवेदन करने से पहले वह अपना बैंक खाता खुलवा ले। इसके लिए CSC उनकी मदद करेंगे।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना क्या है?
देश के हस्तशिल्पकारों और कारीगरों के उत्थान के लिए केंद्र सरकार ने साल 2023 में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) की शुरुआत की थी। इस योजना के माध्यम से हस्तशिल्पकारों और कारीगरों को ट्रेनिंग और तकनीकी सहयोग के साथ-साथ आर्थिक मदद कर उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया जा रहा है। इस योजना को केंद्रीय सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा लॉन्च किया गया है।
इस स्कीम का उद्देश्य है कि इन कारीगरों तक सरकार की ओर से मिलने वाली हरसंभव मदद मिल सके। इसके अलावा बेहतर और आधुनिक औजारों व उपकरणों से ये अपनी कला में और भी ज्यादा निखार ला सकें। साथ ही उन्हें पैसों की जरूरत के लिए कर्ज के जाल में न फंसना पड़े। इस योजना के तहत इन कारीगरों को ब्रांड प्रमोशन और मार्केटिंग में भी मदद की जाती है। यह योजना पारंपरिक कारीगर या हस्तशिल्पकारों के लिए है। फिर वह चाहे महिला हो या पुरुष, दोनों को बराबर के लाभ मिलेंगे।
पीएम विश्वकर्मा स्कीम का उद्देश्य
पारंपरिक कारीगरों की पहचान कर उनकी हरसंभव मदद करना।
आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देना और ‘वोकल फॉर लोकल’ को सशक्त करना।
कारीगरों की कुशलता को ट्रेनिंग और आधुनिक उपकरणों के माध्यम से बढ़ाना।
कारीगरों को जरूरत के समय आर्थिक मदद मुहैया कराना।
फायदे
विश्वकर्मा के तौर पर भारत सरकार से पहचान मिलना।
पीएम विश्वकर्मा का पहचान पत्र और सर्टिफिकेट मिलता है।
महीने में 1 रुपये प्रति डिजिटल ट्रांजेक्शन की सब्सिडी। महीने में 100 ट्रांजेक्शन पर मिलेगी छूट।
नेशनल मार्केटिंग कमेटी (NCM) क्वालिटी सर्टिफिकेशन, मार्केटिंग, ब्रांड प्रमोशन में मदद करती है।
ट्रेड फेयर जैसी मार्केटिंग गतिविधियों तक पहुंच में मदद की जाती है।
पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?
आधार कार्ड
बैंक पासबुक
मोबाइल नंबर
राशन कार्ड
अगर राशन कार्ड नहीं है तो परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड
पीएम विश्वकर्मा योजना की पात्रता क्या है?
आवेदक हाथ या टूल से काम करने वाला कारीगर या हस्तशिल्पकार होना चाहिए।
आवेदक गैर संगठित क्षेत्र में स्व-रोजगार के आधार पर कार्यरत होना चाहिए।
स्कीम के लिए चुनी गई 18 कैटेगरी में से एक में होना जरूरी है।
आवेदन के समय उम्र 18 साल से ज्यादा होनी चाहिए।
रजिस्ट्रेशन के समय आवेदक पारंपरिक कारीगर के तौर पर कार्यरत होना चाहिए।
पिछले 5 साल में आवेदक ने इसी तरह की अन्य सरकारी योजना के तहत लोन न लिया हो।
परिवार में से कोई एक सदस्य ही इस योजना का लाभ ले सकता है।