विन न्यूज़ नेटवर्क। पश्चिम बंगाल में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के एक बयान ने राजनीतिक बहस को हवा दे दी है। बुधवार को कोलकाता के बाबूघाट पहुंचकर उन्होंने विसर्जन की तैयारियों का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि मूर्ति को केवल वही लोग हाथ लगाएंगे, जो सनातन धर्म को मानते हैं। उनके इस बयान के बाद राज्य में धार्मिक परंपराओं और राजनीति को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि, धार्मिक अनुष्ठानों की पवित्रता बनाए रखने के लिए सदियों से चली आ रही परंपराओं, रीति-रिवाजों और शास्त्रों का पालन जरूरी है। उन्होंने धार्मिक रस्मों को प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही स्पष्ट किया कि उनके अनुसार, यह सांप्रदायिकता का मामला नहीं, बल्कि धार्मिक परंपरा के पालन से जुड़ा विषय है।
विसर्जन की व्यवस्था का खुद लिया जायजा
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बाबूघाट पर कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय कुमार नंद और कोलकाता नगर निगम की कमिश्नर स्मिता पांडे के साथ सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
विसर्जन की निगरानी के लिए 18 IPS अधिकारियों की तैनाती
कोलकाता और आसपास के तीन पुलिस कमिश्नरेट में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की निगरानी के लिए 18 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों को तैनात किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, ये अधिकारी 21 से 24 अक्टूबर तक अलग-अलग दिनों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ड्यूटी करेंगे। इसका उद्देश्य विसर्जन स्थलों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना, भीड़ को नियंत्रित करना और सुरक्षा इंतजामों की निगरानी करना है।