उत्तराखंड में बारिश बनी मुसीबत: यमुनोत्री-गंगोत्री में हाईवे बंद 1000 यात्री फंसे

Vin News Network
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उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन और फंसे हुए यात्री।

विन न्यूज़ नेटवर्क। उत्तराखंड में मानसूनी बारिश अब आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार तेज बारिश के कारण भूस्खलन, सड़कें बंद होने और जलभराव की घटनाएं सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए 10 जिलों में 12 जुलाई तक स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए हैं। लगातार बारिश का असर चारधाम यात्रा, स्थानीय यातायात और सामान्य जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है।

यमुनोत्री हाईवे पर फंसे करीब 1000 यात्री

सबसे गंभीर स्थिति उत्तरकाशी जिले में बनी हुई है। यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर स्यानाचट्टी के पास लगातार भूस्खलन होने से सड़क बंद हो गई है। पिछले लगभग 23 घंटे से करीब 1000 यात्री रास्ते में फंसे हुए हैं। राहत की बात यह है कि अब तक सभी यात्रियों को सुरक्षित बताया गया है। प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसी की टीमें मलबा हटाने का काम कर रही हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण राहत कार्यों की गति प्रभावित हो रही है।

गंगोत्री और आदि कैलाश मार्ग भी प्रभावित

गंगोत्री नेशनल हाईवे भी कई स्थानों पर भूस्खलन की चपेट में आ गया है। वहीं पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग बंद होने से यात्रियों की आवाजाही रुक गई है। पौड़ी जिले के गुमखाल-सतपुली हाईवे पर भी बार-बार मलबा आने से यातायात बाधित हो रहा है। इन मार्गों पर यात्रा कर रहे लोगों को प्रशासन की ओर से सावधानी बरतने और मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा टालने की सलाह दी गई है।

टिहरी में मकानों पर मंडराया खतरा

लगातार बारिश के कारण टिहरी जिले में एक सरकारी आवासीय भवन के पास भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। एहतियात के तौर पर तीन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। आसपास के कई अन्य मकानों पर भी खतरा बना हुआ है, जिस पर प्रशासन नजर बनाए हुए है।

ऋषिकेश में उफान पर बीन नदी

ऋषिकेश में बीन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव में एक स्कूटी सवार फंस गया, जिसे स्थानीय लोगों ने जोखिम उठाकर सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं गंगा का जलस्तर बढ़ने से त्रिवेणी घाट का आरती स्थल भी पानी में डूब गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

नैनीताल में पेड़ गिरने से दो घायल

नैनीताल में हाईकोर्ट के पास भारी बारिश के दौरान एक पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से दो राहगीर घायल हो गए। एसडीआरएफ, पुलिस और फायर सर्विस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। अधिकारियों के अनुसार दोनों की हालत स्थिर है।

हरिद्वार व रुड़की में जलभराव से परेशानी

हरिद्वार और रुड़की के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया है। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन पानी निकासी की व्यवस्था में जुटा हुआ है।

अगले तीन दिन भी भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार 11 से 13 जुलाई तक उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है। कई इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। साथ ही मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

हिल स्टेशन जाने से पहले करें योजना की जांच

यदि आप इस समय नैनीताल, ऋषिकेश, भीमताल, कौसानी या अन्य पहाड़ी पर्यटन स्थलों की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। लगातार बारिश के कारण कई मार्ग बंद हैं और नए भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले प्रशासन की अनुमति और मौसम अपडेट देखना बेहद जरूरी है।

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