भारतीय मूल की बोधना सिवानंदन का शतरंज में कमाल, बनीं ब्रिटेन की सबसे कम उम्र की महिला चैंपियन

Vin News Network
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11 साल की बोधना ने ब्रिटेन में रचा इतिहास, 17 साल के श्रेयस रॉयल भी बने चैंपियन

विन न्यूज़ नेटवर्क। ब्रिटेन की शतरंज की दुनिया में इस बार दो बेहद युवा खिलाड़ियों ने बड़ा कमाल कर दिखाया है। भारतीय मूल की 11 वर्षीय बोधना सिवानंदन ने ब्रिटिश महिला शतरंज चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया, जबकि 17 वर्षीय ग्रैंडमास्टर श्रेयस रॉयल ने ओपन ब्रिटिश चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों ने कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर ब्रिटेन के शतरंज जगत में अपनी खास पहचान बनाई है।

बोधना बनीं सबसे कम उम्र की महिला चैंपियन

नॉर्थ-वेस्ट लंदन की रहने वाली बोधना सिवानंदन ने महिला वर्ग के खिताब के लिए आयरलैंड की त्रिशा कन्यमाराला का सामना किया। दोनों के बीच मुकाबला बराबरी पर रहने के बाद रैपिड प्लेऑफ से विजेता का फैसला हुआ, जिसमें बोधना ने बाजी मार ली। इसके साथ ही वह ब्रिटेन की अब तक की सबसे कम उम्र की महिला चैंपियन बन गईं। टूर्नामेंट में बोधना की एकमात्र हार छठे दौर में श्रेयस रॉयल के खिलाफ हुई थी।

लॉकडाउन में शुरू हुआ था शतरंज का सफर

बोधना ने कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान शतरंज खेलना शुरू किया था। परिवार के एक दोस्त के छोड़े हुए सामान में उन्हें शतरंज का बोर्ड मिला और यहीं से इस खेल में उनकी दिलचस्पी बढ़ी। इसके बाद उन्होंने लगातार कई प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया और कम उम्र में ब्रिटेन की शीर्ष महिला खिलाड़ियों में जगह बना ली। 2026 में वह ब्रिटेन की नंबर-1 महिला खिलाड़ी भी बनी थीं।

ब्रिटिश महिला खिताब जीतने के साथ बोधना ने तेज प्रारूपों में अपनी उपलब्धियों के साथ एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली। वह यूके ओपन महिला ब्लिट्ज चैंपियन और संयुक्त ब्रिटिश महिला रैपिड चैंपियन भी रह चुकी हैं।

17 साल के श्रेयस ने जीता ओपन खिताब

वहीं दक्षिण-पूर्व लंदन के 17 वर्षीय ग्रैंडमास्टर श्रेयस रॉयल ने नौ राउंड के बाद 7.5 अंक हासिल कर ओपन ब्रिटिश चैंपियनशिप अपने नाम की। उन्होंने अनुभवी ग्रैंडमास्टर्स ल्यूक मैकशेन और माइकल एडम्स से आधा अंक आगे रहकर खिताब जीता। यह श्रेयस का पहला ब्रिटिश चैंपियनशिप खिताब है।

श्रेयस 2024 में ब्रिटेन के सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर बने थे। अब ब्रिटिश चैंपियन बनकर उन्होंने अपने नाम एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।

122 साल के इतिहास में खास रहा आयोजन

2026 की ब्रिटिश चेस चैंपियनशिप को आयोजन के 122 साल के इतिहास में सबसे बड़ा संस्करण बताया गया। प्रतियोगिता में 1,750 से ज्यादा प्रविष्टियां थीं और ओपन चैंपियनशिप के लिए रिकॉर्ड 34 हजार पाउंड की पुरस्कार राशि रखी गई थी। पूरे आयोजन में अलग-अलग वर्गों को मिलाकर 2,600 से अधिक प्रविष्टियां दर्ज हुईं।

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