विन न्यूज़ नेटवर्क। तेलंगाना के आदिलाबाद स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में सोमवार देर रात आग लगने से तीन नवजात बच्चियों की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग एसी यूनिट में शॉर्ट सर्किट के बाद लगी।
देखते ही देखते पूरे वार्ड में धुआं भर गया। उस वक्त वहां कई नवजात शिशु इलाज के लिए भर्ती थे। हादसे के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अस्पतालकर्मी और परिजन जुट गए।
पांच दिन की बेटी को खोकर टूट गया पिता
इस हादसे में जान गंवाने वाली बच्चियों में एक एम. फासिल की पांच दिन की बेटी भी थी। बच्ची का जन्म 18 सितंबर को एक निजी अस्पताल में हुआ था। जन्म के समय उसका वजन करीब एक किलोग्राम था, जिसके चलते उसे बेहतर उपचार के लिए RIMS के नवजात देखभाल केंद्र में भर्ती कराया गया था।
फासिल ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले उन्हें अपनी बेटी को देखने की अनुमति मिली थी। वह कुछ मिनट उसके पास रहे और उसके जल्द स्वस्थ होने की दुआ करके बाहर आए। इसके कुछ ही देर बाद वार्ड में आग और धुआं फैल गया। बेटी की मौत की खबर मिलने के बाद फासिल खुद को संभाल नहीं पाए। उन्होंने दर्द में कहा, “अब मैं अपनी पत्नी को क्या बताऊंगा?” उनकी पत्नी दूसरे अस्पताल में भर्ती हैं।
धुएं से बिगड़ी कई बच्चों की हालत
आग के दौरान SNCU में भर्ती अन्य नवजातों को भी तत्काल बाहर निकाला गया। रिपोर्टों के मुताबिक, कई बच्चों को दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया, जबकि कुछ को धुएं के कारण सांस लेने में परेशानी हुई। दो नवजातों की हालत गंभीर बताई गई है, जिनमें एक को वेंटिलेटर और दूसरे को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा है।
हादसे की वजह की जांच शुरू
प्रारंभिक जांच में एसी यूनिट में बिजली के शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह बताया गया है, हालांकि हादसे का सटीक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। तेलंगाना सरकार ने घटना की व्यापक जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने की बात कही है। समिति आग लगने की वजह के साथ अस्पताल में सुरक्षा और प्रशासनिक स्तर पर किसी संभावित चूक की भी जांच करेगी।
परिवारों के सामने जिंदगी भर का दर्द
RIMS की इस घटना ने उन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है, जिन्होंने अपने नवजात बच्चों को बचाने की उम्मीद में अस्पताल का रुख किया था। फासिल का सवाल—“मेरी बेटी को कौन वापस लाएगा?”—हादसे के बाद परिवार के दर्द को बयां करता है। अब जांच के जरिए यह सामने आना बाकी है कि आग की वजह क्या थी और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक हुई थी या नहीं।