विन न्यूज़ नेटवर्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली नाबालिग छात्रा के मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। छात्रा की मां ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बेटी को माफ करने का निर्णय उसके लिए “नया जीवन” लेकर आया है। उन्होंने कहा कि कठिन समय में संयम और क्षमा का संदेश देकर प्रधानमंत्री ने बड़ी उदारता दिखाई।
‘बेटी को नया जीवन मिला’
एक बातचीत में छात्रा की मां ने कहा कि वह प्रधानमंत्री का दिल से धन्यवाद करती हैं। उनके मुताबिक, यदि कठोर रुख अपनाया जाता तो उनकी बेटी का भविष्य प्रभावित हो सकता था, लेकिन माफी और संयम के संदेश ने उसे अपनी गलती सुधारने का अवसर दिया।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यह फैसला उनकी बेटी के लिए किसी नए जीवन से कम नहीं है और वह इस कदम के लिए हमेशा आभारी रहेंगी।
सोशल मीडिया को लेकर भी जताई चिंता
छात्रा की मां ने बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि कम उम्र के बच्चे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आसानी से दूसरों के प्रभाव में आ जाते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखें, ताकि वे किसी गलत दिशा में न जाएं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला उस प्रदर्शन से जुड़ा है, जो नीट-यूजी पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर आयोजित किया गया था। इसी दौरान एक वायरल वीडियो में नाबालिग छात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती हुई दिखाई दी। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा करते हुए लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि गुमराह लोगों के प्रति प्रतिक्रिया क्रोध से नहीं, बल्कि धैर्य और समझदारी से होनी चाहिए।
छात्रा ने जारी किया माफीनामा
प्रधानमंत्री के संदेश के बाद छात्रा का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने खुद को 15 वर्ष का बताते हुए अपने व्यवहार पर खेद व्यक्त किया। उसने कहा कि प्रदर्शन के दौरान वह माहौल के प्रभाव में आ गई थी और उसे अब अपनी गलती का एहसास है। छात्रा ने देशवासियों से माफी मांगते हुए भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी।
कानूनी प्रक्रिया जारी
हालांकि छात्रा की ओर से माफी मांगे जाने के बावजूद मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है। प्रदर्शन के दौरान लगाए गए कथित आपत्तिजनक नारों को लेकर शिकायत दर्ज की गई थी। इसके बाद जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने को स्थानांतरित किया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।