ममता बनर्जी की सुरक्षा पर सियासी संग्राम TMC ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

Vin News Network
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ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सुरक्षा का मुद्दा गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पार्टी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि लंबे समय से ममता बनर्जी की सुरक्षा में तैनात कुछ सुरक्षा कर्मियों को अचानक हटा दिया गया, जिसे पार्टी ने राजनीतिक प्रतिशोध और सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताया है। टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह कोई सामान्य प्रशासनिक फैसला नहीं है, बल्कि ममता बनर्जी को अलग-थलग करने और उनकी सुरक्षा को कमजोर करने की कोशिश है। पार्टी के अनुसार, हटाए गए कई सुरक्षाकर्मी वर्षों से उनके साथ जुड़े हुए थे और उनके सुरक्षा तंत्र का अहम हिस्सा थे।

शुभेंदु अधिकारी सरकार पर साधा निशाना

तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक बदले की भावना के चलते इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। टीएमसी का कहना है कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं माना जा सकता।

डेरेक ओ’ब्रायन और सागरिका घोष ने उठाए सवाल

टीएमसी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर उठाया। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी की सुरक्षा में दो दशक से अधिक समय से तैनात निजी सुरक्षा अधिकारियों को उनके कोलकाता स्थित आवास से हटा दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक रात उनके आवास के प्रवेश द्वार पर कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। वहीं, राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने कहा कि किसी पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि सरकार की संवैधानिक और संस्थागत जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि सुरक्षा व्यवस्था में अचानक बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी और क्या इस दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए गए थे।

मदन मित्रा बोले- सम्मान के अनुरूप मिलनी चाहिए सुरक्षा

टीएमसी नेता मदन मित्रा ने कहा कि भले ही ममता बनर्जी अब मुख्यमंत्री नहीं हैं, लेकिन देश और दुनिया में उनकी पहचान और सम्मान को देखते हुए उन्हें उचित सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर पार्टी के भीतर भी चर्चा की जा रही है।

रिजू दत्ता ने खारिज किए आरोप

हालांकि, टीएमसी से निलंबित नेता रिजू दत्ता ने सुरक्षा में किसी तरह की चूक या समझौते के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह दावा गलत है कि ममता बनर्जी के आवास पर सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। उनके अनुसार, पुराने सुरक्षा कर्मियों को हटाया गया है, लेकिन उनकी जगह नए पीएसओ तैनात किए गए हैं। रिजू दत्ता ने कहा कि ममता बनर्जी को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है और उनकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं आई है। उन्होंने माना कि वर्षों से साथ काम करने वाले सुरक्षा कर्मियों के हटने से भावनात्मक जुड़ाव प्रभावित हो सकता है, लेकिन कानूनी और प्रशासनिक दृष्टि से इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

सुरक्षा मुद्दे पर बढ़ सकती है राजनीतिक गर्माहट

ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर उठे इस विवाद ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर टीएमसी इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, तो दूसरी ओर विरोधी पक्ष सुरक्षा में किसी भी तरह की कमी से इनकार कर रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।

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