विन न्यूज़ नेटवर्क। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। इस मामले में आरोपी बताई जा रही छात्रा रुचिका सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह हाथ जोड़कर पूरे देश से माफी मांगती नजर आ रही है। वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।
वीडियो में क्या बोली रुचिका सिंह?
वायरल वीडियो में रुचिका सिंह खुद को 15 वर्ष की बताते हुए कहती है कि वह दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस घूमने के बाद जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में पहुंची थी। उसके अनुसार, वहां मौजूद लोगों के प्रभाव में आकर उसने प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिन पर अब उसे गहरा पछतावा है।
रुचिका ने कहा कि उसने जो कहा, वह माफी के योग्य नहीं है। उसने पूरे देश से हाथ जोड़कर क्षमा मांगी और भरोसा दिलाया कि भविष्य में वह ऐसी गलती दोबारा नहीं करेगी।
पीएम मोदी ने दिया प्रतिक्रिया में बड़ा संदेश
इस घटनाक्रम से पहले प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ अपशब्द कहने वाले छात्रों को उन्होंने माफ कर दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ की गई टिप्पणियां निश्चित रूप से पीड़ादायक थीं, लेकिन युवाओं को अपनी गलतियों से सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
प्रधानमंत्री के इस बयान के कुछ ही समय बाद छात्रा का माफीनामा वीडियो सामने आया, जिसने पूरे मामले को नया आयाम दे दिया।
पहले दर्ज हुई थी जीरो एफआईआर
इस मामले में 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिससे संवैधानिक पद की गरिमा प्रभावित हुई।
इसके बाद मामला आगे की जांच के लिए दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने को स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत जांच कर रही है।
पुलिस जांच जारी, फ्लैट मिला बंद
जानकारी के अनुसार, रुचिका सिंह अपनी मां के साथ नोएडा की एक हाउसिंग सोसाइटी में रहती थीं। पुलिस जब पूछताछ के लिए वहां पहुंची तो फ्लैट बंद मिला। स्थानीय लोगों और सुरक्षा कर्मियों से भी पूछताछ की गई। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
एफआईआर पर भी छिड़ी बहस
प्रदर्शन से जुड़े संगठन के प्रतिनिधियों ने एफआईआर दर्ज किए जाने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि आपत्तिजनक भाषा का समर्थन नहीं किया जा सकता, लेकिन इस तरह के मामलों में आपराधिक कार्रवाई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाए रखने पर भी विचार होना चाहिए। वहीं, मामले को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
मामले पर बनी हुई है सबकी नजर
छात्रा की सार्वजनिक माफी और प्रधानमंत्री की ओर से क्षमा किए जाने की बात सामने आने के बाद इस पूरे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। हालांकि कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।