नोएडा में पिछले महीने श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में अब प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी है। 13 अप्रैल को थाना फेस-2 और सेक्टर-63 इलाके में हुए उपद्रव की जांच के लिए अपर पुलिस आयुक्त अजय कुमार को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच की जाएगी ताकि हिंसा के पीछे की सच्चाई सामने लाई जा सके।
घटना के दौरान श्रमिकों का प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया था। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ने के बाद इलाके में पत्थरबाजी और हंगामे की स्थिति बन गई थी। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा था। इस घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था को प्रभावित किया, जिसके बाद शासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए।
प्रशासन ने आम जनता और प्रत्यक्षदर्शियों से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति के पास घटना से जुड़े फोटो, वीडियो या अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य हैं, तो वे 15 मई तक जांच टीम को सौंप सकते हैं। इसके अलावा लोग लिखित या मौखिक बयान भी दर्ज करा सकते हैं।
पुलिस विभाग के अनुसार सभी साक्ष्य कार्य दिवसों में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक पुलिस उपायुक्त लाइन्स कार्यालय, पुलिस लाइन में जमा किए जा सकते हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जो भी व्यक्ति जांच में सहयोग करेगा, उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य इस मामले में दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है।