पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ आया है. पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने सोमवार, 6 अप्रैल 2026 की रात को अपनी नई राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा की है. उन्होंने इस नई पार्टी का नाम ‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी’ रखा है.
डॉ. सिद्धू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) के जरिए इस फैसले की जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि वे काफी समय से एक ऐसे विकल्प की तलाश में थीं जो राष्ट्रीय स्तर पर जनता की उम्मीदों को पूरा कर सके.
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को फरवरी 2026 में कांग्रेस पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. इससे पहले उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों और नेतृत्व पर की गई टिप्पणियों के चलते निलंबित भी किया गया था. कांग्रेस से अलग होने के बाद उनके भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन नई पार्टी के ऐलान के साथ ही उन चर्चाओं पर विराम लग गया है. डॉ. सिद्धू ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि वर्तमान नेताओं के काम करने के तरीके को देखने के बाद उन्होंने देश सेवा के लिए खुद को समर्पित करने का फैसला लिया है.
अपनी पार्टी के विजन के बारे में बात करते हुए डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि उनका लक्ष्य पंजाब को उसका पुराना गौरव वापस दिलाना है. वे चाहती हैं कि राज्य में एक ऐसी सरकार बने जो ‘जनता की, जनता के लिए और जनता द्वारा’ हो. उन्होंने पंजाब को एक ‘स्वर्णिम राज्य’ बनाने की बात कही, जहां न्याय, शांति और प्रेम का माहौल हो. डॉ. सिद्धू ने यह भी साफ किया कि उनकी पार्टी में समान विचारधारा वाले लोग शामिल होंगे जो बिना किसी बाहरी दबाव के जनता के हक के लिए काम करेंगे.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नवजोत कौर सिद्धू का यह कदम पंजाब की सियासत में हलचल पैदा कर सकता है. जहां एक तरफ उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू अभी भी कांग्रेस में बने हुए हैं, वहीं पत्नी द्वारा नई पार्टी बनाना एक दिलचस्प स्थिति पैदा करता है. डॉ. सिद्धू ने अपनी पोस्ट में आध्यात्मिक मूल्यों और ‘सत्य व प्रेम’ के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया है. अब देखना यह होगा कि 2027 के चुनावों में यह नई पार्टी पंजाब के वोटरों के बीच अपनी कितनी जगह बना पाती है.