कानपुर के नवाबगंज इलाके में डाटा एक्सपर्ट कंप्यूटर कोचिंग संस्थान में 1 जून की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक महिला टीचर ने कोचिंग संचालक विजय प्रकाश गुप्ता का खून से लथपथ शव देखा… कमरे में चारों तरफ खून फैला था… सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई…पहली नजर में मामला लूट और हत्या का लग रहा था… क्योंकि विजय की महंगी सोने की चेन और ब्रेसलेट गायब थे… लेकिन पुलिस को नहीं पता था कि इस हत्याकांड के पीछे कोई अनजान अपराधी नहीं, बल्कि विजय का सबसे करीबी दोस्त शामिल है…पुलिस जांच में जो कहानी सामने आई, वह किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है… आरोपी मोहित द्विवेदी और विजय प्रकाश गुप्ता पिछले 18 सालों से दोस्त थे… दोनों एक ही बिल्डिंग में कोचिंग चलाते थे और अक्सर साथ समय बिताते थे…पुलिस के मुताबिक होली के दौरान दोनों खजुराहो घूमने भी गए थे… वहीं मोहित की नजर विजय के करीब 10 लाख रुपए कीमत के सोने के ब्रेसलेट और चेन पर पड़ी… चमकते सोने ने दोस्ती पर लालच का पर्दा डाल दिया और उसी दिन से मौत की पटकथा लिखी जाने लगी…मोहित ने वारदात से पहले पूरी तैयारी की… उसने यूट्यूब पर सर्च किया कि पहचान छिपाकर हत्या कैसे की जाए… उसने क्राइम पेट्रोल के कई एपिसोड देखे ताकि पुलिस जांच से बचने के तरीके सीख सके…इसके बाद उसने बाजार से बुर्का, लेडीज चप्पल, पर्स, दुपट्टा और ग्लव्स खरीदे…और फिर कोचिंग सेंटर के आसपास रेकी की… सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन देखी और भागने के रास्ते तय किए…वारदात वाले दिन उसने ऐसा ड्रामा रचा कि पुलिस भी शुरुआती दौर में भ्रमित हो गई… बुर्का पहनकर रेलवे स्टेशन पहुंचा, कन्नौज से आने वाली ट्रेन का इंतजार किया और ट्रेन आने के बाद स्टेशन से बाहर निकल आया…ताकि पुलिस को लगे कातिल कन्नौज से आया था… यहां तक कि ऑटो चालक के सामने खुद को गूंगा बताने का नाटक भी किया और कोचिंग का पता एक पर्ची पर लिख कर दिया…शाम करीब साढ़े छह बजे मोहित बुर्का पहनकर विजय की कोचिंग पहुंचा…जहां पर्ची पर लिखकर एडमिशन लेने की बात कही…और मौका मिलते ही मोहित ने विजय की सोने की चेन छीनने की कोशिश की…विजय ने विरोध किया तो हाथापाई शुरू हो गई… तभी मोहित ने विजय को जोरदार धक्का दे दिया…जिससे विजय जमीन पर गिरे और सिर में गंभीर चोट लगने से बेहोश हो गए और बेहोशी की हालत में ज्यादा खून बहने की वजह से विजय की मौत हो गई…इसके बाद भी कातिल का दिल नहीं पसीजा… उसने शव को दूसरे कमरे में घसीटा, सोने की चेन और ब्रेसलेट लूटे और मौके से फरार हो गया…लेकिन अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी कर ले, सबूत अक्सर सच बोल ही देते हैं… पुलिस ने करीब 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले… बुर्के के पीछे छिपे चेहरे का पीछा करते-करते जांच टीम जेके कैंसर अस्पताल तक पहुंच गई… वहीं से असली कड़ी मिली और मोहित की पहचान हो गई…पुलिस की पूछताछ में मोहित टूट गया और उसने पूरी साजिश कबूल कर ली। पुलिस ने उसके कब्जे से लूटी गई सोने की चेन और ब्रेसलेट भी बरामद कर लिए हैं…