कानपुर– रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के आध्यात्मिक गुरु, प्रतिष्ठित संत संतोष द्विवेदी का शनिवार रात निधन हो गया। उनकी उम्र लगभग 80 वर्ष थी। संतोष द्विवेदी का निधन श्यामनगर स्थित उनके आवास पर शनिवार रात लगभग 8 बजे हुआ। स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें 7 एयर फोर्स हॉस्पिटल कानपुर ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उनकी धर्मपत्नी मिथलेश द्विवेदी का निधन पहले ही हो चुका है। जैसे ही यह दुखद समाचार मिला, श्यामनगर आश्रम और उनके आवास के बाहर भक्तों और अनुयायियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रातभर कीर्तन, भजन और “हरे राम–हरे कृष्णा” का जप चलता रहा। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए आश्रम के आसपास के मार्गों को सील कर दिया।
पार्षद नीलम उमेश शुक्ला, कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक, पूर्व विधायक रघुनंदन सिंह भदौरिया ने मौके पर पहुंच कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

बिठूर ब्रह्मावर्त घाट पर अंतिम संस्कार
उनका अंतिम संस्कार बिठूर के ब्रह्मावर्त घाट पर रविवार को किया जाना है। राजनाथ सिंह की उपस्थिति के संबंध में विभागीय रूप से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है।
संतोष द्विवेदी को हरिहर दास महाराज के नाम से भी जाना जाता था। गुरु पूर्णिमा पर उन्होंने अपने शिष्यों को चेताते हुए कहा था, कि गुरु का स्थान सर्वोपरि है और शिष्य को हमेशा गुरु के प्रति श्रद्धा और समर्पण रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गुरु का दिया ज्ञान ही शिष्य को भवसागर से पार लगा सकता है।
उन्होंने अपने भक्तों को अनेक भजन, साधना के माध्यम से आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया और लोकजीवन में भी आदर्श प्रस्तुत किया।
बता दें कि संतोष द्विवेदी का जीवन समाज और अध्यात्म के लिए एक आदर्श था, और उनके जाने से भक्तों में गहरा शोक है।