उत्तर प्रदेश से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अध्यात्मिक गुरु आशुतोष ब्रह्मचारी पर रीवा एक्सप्रेस ट्रेन में उस वक्त जानलेवा हमला किया गया, जब वे प्रयागराज की यात्रा कर रहे थे। इस हमले के बाद पूरे धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस हमले के पीछे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की साजिश बताई है और जीआरपी पुलिस को लिखित शिकायत भी दे दी है। वहीं दूसरी तरफ शंकराचार्य ने इस पूरे मामले को सिरे से नकारते हुए इसे महज एक नाटक करार दिया है।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने क्या बताया?
आशुतोष ब्रह्मचारी के मुताबिक वे सकुमारी पीठ से अपने वाहनों से निकले थे। इसके बाद गाजियाबाद से रीवा एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुए और प्रयागराज की तरफ रवाना हुए। लेकिन सुबह करीब पांच बजे ट्रेन में अचानक कुछ लोगों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। यह हमला इतना खतरनाक था कि उनकी नाक काटने तक की कोशिश की गई।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि कुछ समय पहले एक यौन शोषण के मामले को लेकर उनकी नाक काटने वाले व्यक्ति को 21 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई थी। उनका आरोप है कि उसी घोषणा के तहत उनकी हत्या का यह प्रयास किया गया। उन्होंने प्रयागराज में एफआईआर दर्ज कराई है और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अलावा मुकुंदानंद, अरविंद, प्रकाश और दिनेश के नाम भी शिकायत में शामिल किए हैं।
प्रयागराज क्यों जा रहे थे आशुतोष?
यह भी सामने आया है कि आशुतोष ब्रह्मचारी शंकराचार्य के खिलाफ चल रहे एक मामले में अदालत को सबूत सौंपने के लिए प्रयागराज जा रहे थे। उनका कहना है कि वे कोर्ट में जरूरी दस्तावेज और सबूत पेश करने की तैयारी में थे, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोकने के मकसद से यह हमला कराया गया। उन्होंने पुलिस और सरकार से सिर्फ एक मांग की है कि उनके पास जो भी सबूत हैं, वे किसी भी तरह सुरक्षित रूप से हाईकोर्ट तक पहुंचाए जाएं, ताकि न्याय मिल सके।
शंकराचार्य ने क्या कहा?
इस पूरे मामले पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी का नाम लिए बिना कहा कि यह पूरा मामला बनावटी है और केवल माहौल बनाने के लिए रचा गया है। शंकराचार्य ने व्यंग्यात्मक अंदाज में सवाल उठाया कि जो व्यक्ति टॉयलेट जाने से पहले ठीक था, वह बाहर निकलने के बाद कैसे घायल हो गया? बाथरूम से निकलने के बाद उन्हें किसने मारा? शंकराचार्य का कहना है कि यह सब सिर्फ सुरक्षा हासिल करने के लिए किया गया एक नाटक है और इससे ज्यादा कुछ नहीं है।
रेलवे प्रशासन पर भी उठे सवाल
हालांकि शंकराचार्य ने इस मामले में रेलवे प्रशासन पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर भारत सरकार की ट्रेन में कोई यात्री सुरक्षित नहीं है, तो जीआरपी और रेल प्रशासन आखिर कर क्या रहा है? ट्रेन को एक सुरक्षित यात्रा का साधन माना जाता है, लेकिन अगर वहां भी किसी पर हमला हो सकता है तो यह बेहद चिंताजनक बात है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चाहे मामला जो भी हो, किसी यात्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की है और इस सवाल का जवाब उसे देना ही होगा।
मामले का केंद्र बिंदु क्या है?
यह पूरा विवाद एक यौन शोषण के मामले से जुड़ा हुआ है, जिसमें आशुतोष ब्रह्मचारी शंकराचार्य के खिलाफ कोर्ट में सबूत पेश करने की तैयारी में थे। दोनों पक्षों के बीच यह टकराव अब खुलकर सामने आ गया है। एक तरफ आशुतोष ब्रह्मचारी जानलेवा हमले का शिकार होने का दावा कर रहे हैं और दूसरी तरफ शंकराचार्य इसे पूरी तरह से नाटकबाजी बता रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रयागराज में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और देखना यह होगा कि जांच में सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है। यह मामला धार्मिक, कानूनी और सामाजिक तीनों स्तरों पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।