महिला टी20 विश्व कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित करते हुए इतिहास रच दिया है। फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर ऑस्ट्रेलियाई टीम ने रिकॉर्ड सातवीं बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ कंगारू टीम ने महिला क्रिकेट में अपनी बादशाहत को और मजबूत कर दिया। वहीं, फाइनल में हार के बावजूद इंग्लैंड की टीम भी करोड़ों रुपये की इनामी राशि हासिल करने में सफल रही।
फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 150 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। सलामी बल्लेबाज बेथ मूनी ने 64 रनों की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली, जिसकी बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 17 गेंद शेष रहते ही लक्ष्य हासिल कर लिया और आसानी से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
विश्व कप जीतने के साथ ही ऑस्ट्रेलिया को आईसीसी की ओर से 2.34 मिलियन अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिली। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 22.2 करोड़ रुपये के बराबर है। वहीं उपविजेता इंग्लैंड को 1.17 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 11.1 करोड़ रुपये की प्राइज मनी प्रदान की गई। दोनों टीमों को उनकी शानदार प्रदर्शन के लिए बड़ी आर्थिक पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।
इस बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने महिला टी20 विश्व कप के कुल प्राइज पूल में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। टूर्नामेंट का कुल पुरस्कार पूल बढ़ाकर 8.76 मिलियन अमेरिकी डॉलर कर दिया गया, जबकि पिछले संस्करण में यह 7.958 मिलियन डॉलर था। टीमों की संख्या 10 से बढ़ाकर 12 किए जाने के कारण पुरस्कार राशि में भी इजाफा किया गया।
अगर महिला टी20 विश्व कप के इतिहास पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम साबित हुई है। अब तक खेले गए 10 संस्करणों में उसने सात बार ट्रॉफी अपने नाम की है। इसके अलावा इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड ने एक-एक बार यह खिताब जीता है। भारतीय महिला टीम अब तक टी20 विश्व कप का खिताब नहीं जीत सकी है। वर्ष 2026 के इस टूर्नामेंट में भी भारत का अभियान ग्रुप स्टेज में ही समाप्त हो गया था।
लगातार सातवीं बार खिताब जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने यह साबित कर दिया है कि महिला टी20 क्रिकेट में उसकी बादशाहत फिलहाल चुनौती से काफी दूर है। दूसरी ओर, इंग्लैंड ने भी पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर यह दिखाया कि वह भविष्य में खिताब की प्रबल दावेदार बनी रहेगी।