लोकसभा के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और स्पीकर Om Birla के बीच हल्की नोकझोंक देखने को मिली, जिसने सदन का माहौल कुछ समय के लिए दिलचस्प बना दिया। राहुल गांधी ने भाषण के दौरान स्पीकर से सवाल करने की कोशिश की, जिस पर उन्हें नियमों का हवाला देते हुए रोका गया। इसके बाद उन्होंने अपनी बात को “अनुरोध” बताते हुए आगे बढ़ाया, लेकिन जब वे विषय से हटकर अमेरिका से जुड़ी डील का जिक्र करने लगे, तो स्पीकर ने उन्हें केवल महिला आरक्षण बिल पर ही केंद्रित रहने को कहा।
बहस के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा राहुल गांधी के उस बयान की रही, जिसमें उन्होंने अपने भाषण का अंत “16 नंबर” के जिक्र के साथ किया। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल की तारीख और कई घटनाएं इस नंबर से जुड़ी हैं, और इसे एक “पहेली” बताते हुए लोगों से इसका जवाब खोजने को कहा। इस टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल का विरोध करते हुए कहा कि कांग्रेस इस बिल का समर्थन तभी करेगी, जब जाति जनगणना के आंकड़ों को आरक्षण नीति में लागू किया जाएगा। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक संतुलन बदलने की कोशिश कर रही है और छोटे राज्यों की हिस्सेदारी को प्रभावित किया जा सकता है।
इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के भीतर भ्रम की स्थिति है और वह खुद को देश से जोड़कर देख रही है। वहीं केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल की कुछ टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। बहस के बीच राहुल गांधी की उंगली में चोट को लेकर भी हल्का-फुल्का माहौल बना।
महिला आरक्षण पर गंभीर चर्चा के साथ-साथ यह पूरा घटनाक्रम राहुल गांधी के “16 नंबर” बयान और सदन में हुई नोकझोंक के कारण खासा चर्चित हो गया है।