ईरान के इस्फहान के पास एक अमेरिकी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान C-130 हरक्यूलिस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है. यह विमान अमेरिकी सेना के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है और कई दशकों से इस्तेमाल हो रहा है. इस घटना के समय विमान एक खास मिशन पर था. ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि इस विमान को निशाना बनाया गया है.
C-130 हरक्यूलिस दुनिया के उन विमानों में शामिल है जिनका उत्पादन सबसे लंबे समय से चल रहा है. इसकी शुरुआत साल 1954 में हुई थी और आज भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. यह विमान अपनी मजबूती और अलग-अलग तरह के कामों के लिए मशहूर है. इसे सामान ढोने के अलावा ईंधन भरने वाले टैंकर और बचाव कार्यों के लिए भी तैयार किया जा सकता है.
इस विमान की एक बड़ी खूबी यह है कि इसे लैंडिंग के लिए किसी बहुत अच्छे रनवे की जरूरत नहीं होती है. यह मिट्टी, घास या छोटी और ऊबड़-खाबड़ जगहों पर भी आसानी से उतर सकता है. इसी वजह से इसे युद्ध के मैदान में सीधे सैनिकों तक सामान पहुंचाने के लिए भेजा जाता है. यह विमान दुर्गम इलाकों में भी काम करने की क्षमता रखता है.
वजन उठाने के मामले में भी यह काफी ताकतवर है. यह एक बार में करीब 19 से 20 टन तक का सैन्य सामान या गाड़ियां ले जा सकता है. इसके अलावा इसमें 92 सैनिक या 64 पैराशूट वाले सैनिक एक साथ बैठ सकते हैं. घायल सैनिकों को निकालने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है.
C-130 के नए मॉडल में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इसमें डिजिटल सिस्टम और नए तरह के इंजन लगे हैं. रात के अंधेरे या धुंध में देखने के लिए इसमें खास सेंसर लगाए गए हैं. यह विमान हवा में ही ईंधन भर सकता है जिससे यह बहुत लंबी दूरी तक उड़ान भर पाता है. इन खूबियों की वजह से इसे रेस्क्यू ऑपरेशन में बहुत जरूरी माना जाता है.
अमेरिकी सेना अपनी रसद सप्लाई के लिए इसी विमान पर सबसे ज्यादा भरोसा करती है. इस्फहान के पास हुई इस घटना से क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है. पुलिस और सेना के अधिकारी इस नुकसान की जांच कर रहे हैं. यह विमान अपनी बनावट के कारण दुनिया के कई देशों की सेनाओं का हिस्सा है.