केंद्रीय बजट सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में उस समय तीखा टकराव देखने को मिला, जब पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा के कथित अंशों को उद्धृत करने को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सरकार के बीच विवाद खड़ा हो गया। मामला इतना बढ़ा कि सदन में शोर-शराबे के बीच कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने एक मैगजीन लेख का हवाला देते हुए जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब के टाइपस्क्रिप्ट से जुड़े कथित अंशों का उल्लेख करने की कोशिश की।
राहुल गांधी का बयान और सरकार की आपत्ति
राहुल गांधी ने भाजपा द्वारा कांग्रेस पर लगाए गए “देशभक्ति के आरोपों” का जवाब देते हुए लेख में इस्तेमाल किए गए वाक्यांश “डोकलाम में चीनी टैंक” का जिक्र किया। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तत्काल हस्तक्षेप किया।
रक्षा मंत्री ने कहा,
“यह बताना चाहिए कि क्या यह किताब प्रकाशित हुई है या नहीं। यह अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है और ऐसे में इससे उद्धरण नहीं दिया जा सकता।”
उन्होंने आगे कहा,
“मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि यह किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है।”
गृह मंत्री और स्पीकर का हस्तक्षेप
इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह भी खड़े हुए और कहा,
“जब किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है, तो इससे उद्धरण कैसे दिया जा सकता है?”
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंत्रियों की बात से सहमति जताते हुए कहा,
“नियमों और परंपराओं के अनुसार अखबारों की कतरनें, किताबें या अन्य ऐसी सामग्री, जो प्रमाणिक न हो, सदन में उद्धृत नहीं की जा सकती।”
इसके बाद अध्यक्ष ने राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे अपने भाषण का यह हिस्सा छोड़कर आगे बढ़ें।
राहुल गांधी का आग्रह और कांग्रेस का समर्थन
राहुल गांधी ने जोर देते हुए कहा कि जिस मैगजीन ने अंश प्रकाशित किए हैं, वे “100 प्रतिशत वास्तविक” हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लेख में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का उल्लेख है।
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने अध्यक्ष से कहा कि राहुल गांधी को उद्धरण देने की अनुमति दी जाए और सरकार बाद में जवाब दे सकती है। हालांकि अध्यक्ष ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नियमों का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी कहा कि अप्रकाशित किताब से उद्धरण देना नियमों के खिलाफ है।
बार-बार रोक और सदन में बढ़ता हंगामा
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि
“भले ही किताब प्रकाशित हो, सदन की कार्यवाही से असंबंधित किसी भी पुस्तक का उद्धरण देना नियमों के तहत अनुमति योग्य नहीं है।”
राहुल गांधी ने पूछा कि क्या वे कम से कम उस विषय का वर्णन कर सकते हैं, लेकिन अध्यक्ष ने अपने निर्णय पर कायम रहते हुए इसकी भी अनुमति नहीं दी।
इसके बाद राहुल गांधी ने फिर “चीनी टैंक” शब्द का प्रयोग किया, जिस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा,
“यह सदन को गुमराह करने का प्रयास है।”
इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि वे “चीन” शब्द का इस्तेमाल नहीं करेंगे, लेकिन जैसे ही उन्होंने “किसी देश के टैंक” का उल्लेख किया, अध्यक्ष ने उन्हें फिर रोक दिया।
सदन स्थगित
स्थिति और तनावपूर्ण हो गई जब राहुल गांधी ने अध्यक्ष से पूछा कि वे क्या बोलें। इस पर अध्यक्ष ने कहा,
“मैं आपका सलाहकार नहीं हूं। आपको नियमों का पालन करना चाहिए। देश तय करेगा कि आप अपने पद की गरिमा बनाए रख रहे हैं या नहीं।”
इसके बाद सदन में लगातार हंगामे के कारण लोकसभा को दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
नरवणे की किताब का क्या है मामला
पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की आत्मकथा ‘Four Stars of Destiny’ वर्ष 2024 में प्रकाशित होने वाली थी। दिसंबर 2023 में इसके कुछ अंश समाचार एजेंसियों और मीडिया संस्थानों में प्रकाशित हुए थे। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर इसके प्री-ऑर्डर भी शुरू हुए थे, लेकिन बाद में पुस्तक को सरकारी अनुमति के चलते रोके जाने की खबरें सामने आईं।
जनरल नरवणे दिसंबर 2019 से अप्रैल 2022 तक भारतीय सेना के प्रमुख रहे। उनके कार्यकाल के दौरान जून 2020 का गलवान संघर्ष हुआ, जिसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे।