विन न्यूज़ नेटवर्क। रोहतास जिले के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की हत्या ने बिहार के प्रशासनिक महकमे में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना के विरोध में रविवार को राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे बड़ी संख्या में कार्यपालक पदाधिकारी पटना में एकजुट हुए। विमल कुमार का पार्थिव शरीर राजधानी पहुंचने के बाद अधिकारियों ने शव वाहन के साथ मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने का प्रयास किया। उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अधिकारियों की सुरक्षा और मामले में त्वरित न्याय की मांग करना था।
हालांकि, मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे अधिकारियों को पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया। इसके बाद सभी अधिकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि एक सरकारी अधिकारी ही सुरक्षित नहीं है, तो अन्य अधिकारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
अधिकारियों ने उठाई सुरक्षा और न्याय की मांग
धरने पर बैठे कार्यपालक पदाधिकारियों ने कहा कि उनका प्रदर्शन केवल एक साथी अधिकारी को श्रद्धांजलि देने के लिए नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को सरकार के सामने रखने के लिए है। उनका कहना है कि नगर निकायों में कार्यरत अधिकारियों को अक्सर दबाव, धमकियों और जोखिम भरे हालात में काम करना पड़ता है। ऐसे में सरकार को उनकी सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए।
साथ ही अधिकारियों ने मांग की कि विमल कुमार हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि सरकारी अधिकारियों में सुरक्षा का भरोसा कायम हो सके।
क्या है विमल कुमार हत्याकांड?
जानकारी के मुताबिक, डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार शनिवार रात एक कार्यक्रम से लौटने के बाद सरकारी वाहन से पटना जा रहे थे। इसी दौरान औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र स्थित धनौती पुल के पास अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बदमाशों ने चालक को हथियार के बल पर काबू में किया और फिर विमल कुमार पर लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अधिकारी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
जांच कई पहलुओं पर केंद्रित
घटना के बाद पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं मृतक की पत्नी ने भी चालक की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, जिसके चलते जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिलने की पुष्टि हुई है। हालांकि गोली लगने की चर्चाओं के बीच पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्य, फॉरेंसिक जांच और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।
प्रशासनिक तंत्र में बढ़ी चिंता
विमल कुमार की हत्या के बाद पूरे बिहार के प्रशासनिक अधिकारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और अधिकारियों की सुरक्षा के लिए ठोस नीति नहीं बनाई जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। फिलहाल पटना में प्रशासन और प्रदर्शनकारी अधिकारियों के बीच बातचीत का प्रयास जारी है, जबकि मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।