विन न्यूज़ नेटवर्क। राजस्थान में हाल के दिनों में सामने आई कई सनसनीखेज घटनाओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के गृह जनपद भरतपुर में एक सर्राफा व्यापारी की हत्या और दूसरे व्यापारी से लूट की घटना ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि घटना के पांच दिन बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है, जिससे विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है।
भरतपुर में दो बड़ी वारदातों से फैली दहशत
शनिवार रात भरतपुर में अलग-अलग घटनाओं में बदमाशों ने दो व्यापारियों को निशाना बनाया। सर्राफा व्यापारी चंद्रभान सिंह को गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि किराना व्यापारी प्रमोद मित्तल पर फायरिंग कर उनसे लगभग 60 हजार रुपये लूट लिए गए। इन घटनाओं के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश है। स्थानीय बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है और व्यापारिक संगठनों ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
पांच दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
भरतपुर की दोनों घटनाओं को लेकर पुलिस पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। घटना के पांच दिन बाद भी न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही पुलिस कोई ठोस सुराग सामने ला पाई है। यही वजह है कि मामला अब राज्य स्तर की राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि राजस्थान के डीजीपी राजीव शर्मा को खुद मीडिया के सामने आकर सफाई देनी पड़ी। उन्होंने दावा किया कि पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और जल्द ही दोनों मामलों का खुलासा किया जाएगा। डीजीपी ने कहा कि, मामलों की जांच तेजी से चल रही है। दोषियों की पहचान की जा रही है। जल्द गिरफ्तारी होने की संभावना है। अपराधियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
श्री गंगानगर और अजमेर की घटनाओं से बढ़ी चिंता
भरतपुर की घटनाएं ऐसे समय सामने आई हैं जब राजस्थान पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामलों को लेकर चर्चा में है। श्री गंगानगर में एक नाबालिग से गैंगरेप और अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। इन घटनाओं को जोड़कर देखा जा रहा है और विपक्ष का आरोप है कि अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भरतपुर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार वास्तविक स्थिति छिपाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार कई मामलों में एफआईआर दर्ज करने में भी लापरवाही बरती जा रही है ताकि अपराध के आंकड़े कम दिखाए जा सकें। अपराधी बेखौफ हैं और सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रही है।
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अपराध की हर घटना में पुलिस त्वरित कार्रवाई कर रही है और मामलों का खुलासा तेजी से किया जा रहा है। जयपुर की सिविल लाइंस सीट से बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि उसके शासनकाल में गुंडाराज चरम पर था, जबकि वर्तमान सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रही है।
व्यापारियों में बढ़ा असुरक्षा का माहौल
भरतपुर की घटनाओं के बाद व्यापारी समुदाय में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती तो आंदोलन पर विचार किया जाएगा। कई व्यापारियों ने बाजारों में पुलिस गश्त बढ़ाने और सीसीटीवी निगरानी मजबूत करने की मांग की है।
कानून-व्यवस्था पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
राजस्थान सरकार के लिए यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि घटनाएं मुख्यमंत्री और गृह राज्य मंत्री के गृह जिले में हुई हैं। ऐसे में विपक्ष इसे सीधे सरकार की विफलता के रूप में पेश कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पुलिस जल्द आरोपियों तक नहीं पहुंचती, तो यह मुद्दा विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह और अधिक जोर पकड़ सकता है।
अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती
भरतपुर में व्यापारी की हत्या, लूट, श्री गंगानगर गैंगरेप और अजमेर जेल हत्या जैसी घटनाओं ने राजस्थान की कानून-व्यवस्था को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है। सरकार लगातार दावा कर रही है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन विपक्ष का कहना है कि जमीनी हकीकत अलग है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस भरतपुर की वारदातों का खुलासा कब करती है और राज्य सरकार अपराध नियंत्रण के लिए कौन से नए कदम उठाती है।