नागपुर। केन्द्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत किसान सम्मेलन को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, हम अपनी तरफ से किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन किसी ने अगर हमें छेड़ा तो उसे हम छोड़ते नहीं हैं। हमें अपनी सेनाओं पर गर्व है। सेना के शोर्य और उनके अचूक निशाने को प्रणाम करता हूँ। कृषि क्षेत्र से जुड़ी संस्थाएं एक दिशा में, एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ेंगी तो कृषि में चमत्कार किया जा सकता है। उत्पादन बढ़ाना है तो अच्छे बीज चाहिए और इस पर हम लगातार काम कर रहे हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, अभी हमने जीनोम पद्धति पर आधारित धान की 2 नई किस्में जारी की हैं, जिसमें 20% से लेकर 30 प्रतिशत तक उत्पादन बढ़ेगा और फसल 20 दिन पहले पककर तैयार हो जाएगी। महाराष्ट्र विकसित कृषि संकल्प अभियान को जमीन पर ले जाकर एक आदर्श स्थापित करेगा। किसान भाइयों, हम क्लीन प्लांट प्रोग्राम अंतर्गत पुणे में राष्ट्रीय स्तर की लैब बनाने जा रहे हैं। उत्पादन की लागत घटाने के लिए मैकेनाइजेशन जरूरी है। हमने तय किया है कि हमारे वैज्ञानिक किसानों के बीच में भी जाएंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 29 मई से 12 जून 2025 तक विकसित कृषि संकल्प अभियान प्रारंभ हो रहा है। जिसमें हमारे वैज्ञानिक किसानों को अपने शोध और नवाचार के बारे में बताएंगे। साथ ही उनकी समस्याओं का भी समाधान करेंगे। हम सब मिलकर एक दिशा में प्रयास करेंगे तो देश के अन्नदाता सशक्त और आत्मनिर्भर बनेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्रालय, राज्यों के कृषि विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), कृषि विज्ञान केंद्र और अन्य कृषि संस्थान सभी एकजुट होकर, एक टीम के रूप में कार्य करेंगे । आइये, एक साथ चलें, एक साथ सोचें और एक साथ मिलकर विकसित भारत, विकसित कृषि तथा आत्मनिर्भर किसान के लिए कार्य करें।