भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने डिजिटल पहचान को और अधिक सुरक्षित व उपयोगकर्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने नए आधार मोबाइल ऐप को देश को समर्पित किया। यह नेक्स्ट-जेनरेशन ऐप पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को सरल, तेज और भरोसेमंद बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है, जिसमें नागरिकों की सुविधा, सहमति और गोपनीयता को प्राथमिकता दी गई है।

नया आधार ऐप: क्या है खास
UIDAI द्वारा विकसित यह नया आधार ऐप आधार नंबर धारकों को अपनी डिजिटल पहचान सुरक्षित रूप से दिखाने, साझा करने और सत्यापित करने की सुविधा देता है। ऐप का डिज़ाइन “प्राइवेसी-फर्स्ट” और “कंसेंट-बेस्ड” सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें उपयोगकर्ता को अपनी जानकारी पर पूरा नियंत्रण मिलता है। इसके जरिए आधार से जुड़ी सेवाओं को बिना भौतिक दस्तावेजों के डिजिटल रूप में उपयोग किया जा सकता है।

लॉन्च के मौके पर क्या बोले जितिन प्रसाद
ऐप के लॉन्च के बाद केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने UIDAI को बधाई दी। उन्होंने कहा,
“आधार भारत के डिजिटल गवर्नेंस मॉडल का एक प्रमुख उदाहरण है। नया आधार ऐप सेवा वितरण को और अधिक तेज, सरल और निर्बाध बनाएगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत जैसे बड़े और विविध देश में डिजिटल पहचान केवल तकनीकी व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह जन-विश्वास, सुशासन और नागरिक सशक्तिकरण से जुड़ा विषय है।

डेटा सुरक्षा और गोपनीयता पर जोर
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि यह ऐप डेटा मिनिमाइजेशन को बढ़ावा देगा।
उन्होंने बताया कि आधार धारक अब अपनी जानकारी को जरूरत के अनुसार चुनिंदा रूप से साझा कर सकेंगे, जिससे सुरक्षा और गोपनीयता को और मजबूती मिलेगी।
नए ऐप में साझा की जाने वाली जानकारी केवल डिजिटल रूप से साइन की गई होती है और इसमें आधार नंबर स्टोर नहीं होता, जिससे दुरुपयोग की आशंका कम होती है।
रोजमर्रा के उपयोग में सहायक सुविधाएं
UIDAI के अनुसार, नया आधार ऐप रोजमर्रा की कई गतिविधियों में उपयोगी होगा। इसमें होटल चेक-इन के लिए QR कोड आधारित ऑफलाइन वेरिफिकेशन, सिनेमा टिकट बुकिंग के दौरान आयु सत्यापन, अस्पतालों में आगंतुकों का सत्यापन और गिग वर्कर्स या सर्विस पार्टनर्स की पहचान जांच जैसी सुविधाएं शामिल हैं। आवश्यकता पड़ने पर फेस वेरिफिकेशन का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है।

उन्नत फीचर्स से बढ़ेगी सुविधा
नए आधार ऐप में कई आधुनिक फीचर्स जोड़े गए हैं। इसमें एक क्लिक में बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक की सुविधा, ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री देखने का विकल्प और संपर्क विवरण साझा करने के लिए QR आधारित कॉन्टैक्ट कार्ड शामिल हैं।
इसके अलावा, एक ही मोबाइल फोन में अधिकतम पांच आधार प्रोफाइल मैनेज किए जा सकते हैं, जिससे “वन फैमिली – वन ऐप” की अवधारणा को बढ़ावा मिलता है।
UIDAI नेतृत्व की प्रतिक्रिया
UIDAI के चेयरमैन नीलकंठ मिश्रा ने कहा,
“कागज से पेपरलेस की यात्रा एक बड़ा कदम है और UIDAI आगे भी लोगों को केंद्र में रखकर नवाचार करता रहेगा।”
UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने बताया कि ऐप की प्रमुख विशेषता सेलेक्टिव क्रेडेंशियल शेयरिंग है।
उन्होंने कहा,
“उपयोगकर्ता केवल वही जानकारी साझा करेगा, जिसकी आवश्यकता होगी। यह प्रक्रिया डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट के अनुरूप है।”
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में कदम
नए आधार ऐप के लॉन्च के साथ भारत ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि उसकी डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की बुनियाद नागरिक-केंद्रित, समावेशी और भरोसे पर आधारित है। UIDAI का यह कदम डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखने के साथ-साथ सेवाओं की पहुंच को और अधिक सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।