बिहार के मोतिहारी में रविवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। कोटवा के दीपउ मोड़ पर एक 22 टायर वाला ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पार कर रहे लोगों, बाइक और ई-रिक्शा को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में मौके पर ही 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार ट्रक तेज रफ्तार में मोड़ पार कर रहा था और अचानक नियंत्रण खो बैठा। ट्रक की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि कुछ भी वाहन और राहगीर उसे टाल नहीं पाए। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। मृतकों के परिजन और लोग सड़क पर जमा हो गए और आक्रोशित होकर हाईवे जाम कर दिया।
पुलिस और प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि ट्रक ड्राइवर को हिरासत में लिया गया है और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है।
बिहार में भारी वाहन और ट्रक से जुड़ी दुर्घटनाएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। तेज रफ्तार, वाहन की ओवरलोडिंग और सड़क पर नियंत्रण न होने के कारण यह हादसे होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े वाहनों की नियमित जांच और ड्राइवरों के प्रशिक्षण में सुधार से ऐसे हादसों को कम किया जा सकता है।
स्थानीय लोग और नागरिक सुरक्षा विशेषज्ञ प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मोतिहारी जैसे व्यस्त मोड़ और सड़क पर सुरक्षा उपाय बढ़ाए जाएँ। इसमें स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेत और सड़क पर ट्रैफिक पुलिस की लगातार मौजूदगी शामिल हो सकती है। लोग यह भी चाहते हैं कि बड़े वाहनों की निगरानी के लिए GPS ट्रैकिंग और समय-समय पर वाहन निरीक्षण अनिवार्य किया जाए।
मोतिहारी हादसा हमें सड़क सुरक्षा के महत्व की याद दिलाता है। तेज रफ्तार और लापरवाही किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन और जनता दोनों की जिम्मेदारी है कि सड़क नियमों का पालन करें और सुरक्षा उपायों को गंभीरता से लागू करें। इस हादसे की जांच अभी जारी है और मृतकों के परिजनों को न्याय और सहायता मिलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।