लखनऊ। नगर निगम इन दिनों शोक की स्थिति में है। वसीरतगंज-गणेशगंज क्षेत्र में कार्यरत समर्पित सफाई कर्मचारी गीता देवी (उम्र 45 वर्ष) की एक दर्दनाक और दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में मृत्यु हो गई। यह घटना तब हुई जब वह शीतल धर्मशाला के पास नियमित सफाई कार्य में तैनात थीं। कार्य के दौरान अचानक एक नेवले ने उन्हें काट लिया जिससे गंभीर संक्रमण और उपचार में देरी के कारण उनकी मृत्यु हो गई।
यह हादसा सिर्फ एक कर्मचारी की मौत नहीं है बल्कि समाज के उस तबके की पीड़ा को उजागर करता है जो प्रतिदिन हमारे शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने में जुटा रहता है। गीता देवी जैसे सफाई कर्मचारी हमारी नगरी की रीढ़ हैं जो बिना किसी स्वार्थ के समाज के लिए काम करते हैं। उनकी इस दुखद मृत्यु ने पूरे नगर निगम परिवार को गहरे शोक में डाल दिया है। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही अपर नगर आयुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने मृतका के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने नगर निगम की ओर से शोक संवेदना व्यक्त करते हुए परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि का चेक सौंपा। इस दौरान नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने गीता देवी को श्रद्धांजलि अर्पित की और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
नगर निगम ने इस दुखद घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कार्यदाई संस्था को निर्देशित किया है कि मृतक कर्मचारी की ईपीएफ (EPF) और ईएसआईसी (ESIC) से संबंधित सभी कार्यवाहियां शीघ्रता से पूरी की जाएं, जिससे परिजनों को और आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त निगम यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि मृतका के परिवार को अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी शीघ्र दिलवाया जाए।
आपको बता दें यह घटना लखनऊ नगर निगम की उस जिम्मेदारी को दर्शाती है जो वह अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के प्रति निभाता है। नगर निगम ने स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया है कि वह केवल एक प्रशासनिक संस्था नहीं है बल्कि अपने कर्मचारियों के साथ एक मानवीय रिश्ता बनाए रखता है। गीता देवी की आकस्मिक मृत्यु ने नगर निगम को झकझोर दिया है लेकिन निगम ने संवेदनशीलता और तत्परता से काम करते हुए यह सुनिश्चित किया है कि पीड़ित परिवार अकेला महसूस न करे। इस घटना ने यह भी सवाल खड़ा कर दिया है कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए उचित उपाय क्यों नहीं किए जाते? क्या सफाई जैसे जोखिमपूर्ण कार्यों में लगे कर्मचारियों के पास प्राथमिक उपचार किट, समय पर मेडिकल सहायता, और सुरक्षा उपकरण होते हैं? क्या इन मुद्दों पर प्रशासन द्वारा नियमित समीक्षा की जाती है?
नगर निगम को चाहिए कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए सुरक्षा मानकों को और सख्त बनाया जाए। कर्मचारियों को न सिर्फ आधुनिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, बल्कि स्वास्थ्य बीमा, मेडिकल चेकअप और त्वरित उपचार व्यवस्था को भी मजबूत किया जाए। गीता देवी की मृत्यु केवल एक आंकड़ा नहीं है यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी की याद दिलाती है। समाज को चाहिए कि वह सफाई कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाए उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा करे। वहीं प्रशासन को चाहिए कि हर कर्मचारी की सुरक्षा और भलाई सर्वोपरि रहे।