बस्ती। नेपाल के रास्ते बिहार में घुसे तीन पाकिस्तानी आतंकियों की खुफिया रिपोर्ट के बाद आम्रपाली एक्सप्रेस में हड़कंप मच गया। ट्रेन में यात्रा कर रही एक महिला के ट्वीट से खलबली मच गई कि संदिग्ध आतंकी उसी ट्रेन में सवार है। बस्ती स्टेशन पर ट्रेन को रोककर सभी बोगियों की तलाशी ली गई। लेकिन जिस शख्स को आतंकी समझा जा रहा था, उसकी पहचान एक भारतीय सैनिक—अग्निवीर दीपक कुमार झा के रूप में हुई।
कैसे शुरू हुआ मामला?
शनिवार की रात आम्रपाली एक्सप्रेस (15707) पूर्वोत्तर से पंजाब की ओर जा रही थी। इसी दौरान ट्रेन में यात्रा कर रही एक महिला ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया कि जिन आतंकियों के स्केच सुरक्षा एजेंसियों ने जारी किए हैं, उनमें से एक संदिग्ध इस ट्रेन में सवार है।
महिला के इस अलर्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत एक्शन लिया। जैसे ही ट्रेन बस्ती स्टेशन पर पहुंची, वहां जीआरपी और आरपीएफ ने पूरी ट्रेन को घेरकर बोगियों की जांच शुरू कर दी। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। करीब दो घंटे तक तलाशी अभियान चला।
संदिग्ध की पहचान
तलाशी के दौरान जीआरपी को बोगी नंबर एस-01 में सीट नंबर 54 पर बैठा एक शख्स मिला, जो आतंकियों के स्केच से मेल खाता प्रतीत हो रहा था। पूछताछ और दस्तावेज जांच में उसकी पहचान दीपक कुमार झा पुत्र विनोद कुमार झा, ग्राम चकला, थाना नरपतगंज, जिला अररिया (बिहार) निवासी के रूप में हुई।
दीपक ने बताया कि वह भारतीय सेना में अग्निवीर जीडी (चार्ली), 19 गार्ड बटालियन, बिग्रेड ऑफ द गार्ड, मृथल पठानकोट (पंजाब) में पोस्टेड है।
सेना से हुई पुष्टि
जीआरपी अधिकारियों ने तुरंत सेना के अधिकारियों से संपर्क किया। जांच में पुष्टि हुई कि दीपक वाकई अग्निवीर सैनिक है और कटरिया से जालंधर जा रहा था। उसके पास वैध दस्तावेज और सेना से संबंधित पहचान पत्र भी मिले। इसके बाद अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की और यात्रियों को आश्वस्त किया।
क्यों फैली अफवाह?
दो दिन पहले खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था कि नेपाल के रास्ते तीन पाकिस्तानी आतंकी बिहार में घुस चुके हैं। इसके बाद उनके स्केच सार्वजनिक किए गए थे। इस वजह से लोग सतर्क थे और संदिग्ध दिखने पर तुरंत रिपोर्ट कर रहे थे। इसी सतर्कता के चलते महिला ने ट्वीट किया, जिससे ट्रेन रुकवाई गई। हालांकि जांच के बाद यह खबर अफवाह साबित हुई।
यात्रियों में दहशत, लेकिन राहत भी
घटना के दौरान ट्रेन के यात्रियों में काफी दहशत और अफरा-तफरी रही। बच्चों और महिलाओं को लेकर लोग परेशान हो उठे। लेकिन जांच पूरी होने और सच्चाई सामने आने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।
सुरक्षा एजेंसियां क्यों चौकन्नी?
- नेपाल सीमा से आतंकी गतिविधियों की खबरें लगातार मिल रही हैं।
- बिहार में घुसने वाले संदिग्ध आतंकियों की खोज अभी भी जारी है।
- हाल के दिनों में रेलवे को टारगेट करने की साजिशों की खुफिया इनपुट भी मिले हैं।
- इसी वजह से रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और GRP लगातार अलर्ट पर हैं।
सरकार और एजेंसियों की प्रतिक्रिया
रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने कहा कि किसी भी संदिग्ध इनपुट को हल्के में नहीं लिया जा सकता। “भले ही यह मामला अफवाह साबित हुआ, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। हर सूचना की गहन जांच की जाएगी।”