Siri AI को लेकर Apple और Google के बयानों में विरोधाभास, डेटा प्रोसेसिंग पर बना संशय

Vin News Network
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Siri AI के लिए Apple और Google की साझेदारी पर डेटा प्राइवेसी को लेकर सवाल

Apple और Google के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर हुई साझेदारी के बाद Siri AI के भविष्य को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। Apple ने अपनी डिजिटल असिस्टेंट Siri को और उन्नत बनाने के लिए Google के Gemini AI मॉडल को अपनाने की पुष्टि की है। हालांकि, इस साझेदारी के सामने आते ही यूजर्स के डेटा की सुरक्षा और प्रोसेसिंग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं, खासतौर पर तब जब Apple और Google के शीर्ष अधिकारियों के बयान एक-दूसरे से अलग नजर आ रहे हैं।

Apple ने क्या कहा?
Apple के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) टिम कुक ने हालिया अर्निंग कॉल के दौरान स्पष्ट किया कि Apple Intelligence के तहत आने वाले सभी AI फीचर्स को गोपनीयता के उच्च मानकों के साथ डिजाइन किया गया है।
कुक ने कहा कि Gemini AI से जुड़े फीचर्स या तो सीधे डिवाइस पर प्रोसेस होंगे या Apple के Private Cloud Compute सिस्टम के जरिए संचालित किए जाएंगे। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया में यूजर डेटा पर Apple का पूरा नियंत्रण रहेगा और किसी तीसरे पक्ष को डेटा एक्सेस नहीं दिया जाएगा।

Apple लंबे समय से डेटा प्राइवेसी को अपनी प्रमुख पहचान के रूप में पेश करता रहा है। कंपनी का कहना है कि Private Cloud Compute को इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें यूजर डेटा स्टोर नहीं किया जाता और प्रोसेसिंग पूरी होते ही जानकारी हटा दी जाती है।

Google CEO सुंदर पिचाई का बयान

दूसरी ओर, Google के CEO सुंदर पिचाई ने हालिया अर्निंग कॉल में इस साझेदारी को लेकर अलग बयान दिया। उन्होंने कहा,

“हम Apple के साथ उनके पसंदीदा क्लाउड पार्टनर के रूप में काम कर रहे हैं और Gemini तकनीक पर आधारित अगली पीढ़ी के Apple Foundation Models विकसित कर रहे हैं।”

पिचाई के इस बयान से यह संकेत मिला कि Siri AI से जुड़ी कुछ प्रोसेसिंग Google के क्लाउड सर्वर पर हो सकती है। यही बात Apple के दावे से टकराती नजर आई, जिसमें डेटा प्रोसेसिंग पूरी तरह Apple के सिस्टम के भीतर रखने की बात कही गई थी।

यूजर्स और विशेषज्ञों में भ्रम
Apple और Google के इन बयानों के बीच विरोधाभास के चलते यूजर्स और टेक इंडस्ट्री के विशेषज्ञों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल दोनों कंपनियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि Gemini AI का उपयोग किस स्तर तक होगा और किस हिस्से में Google के क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका रहेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक इस साझेदारी की तकनीकी शर्तों को सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किया जाता, तब तक यह भ्रम बना रह सकता है।

iOS अपडेट में दिख सकता है बदलाव
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Gemini-पावर्ड Siri का पहला बड़ा संकेत iOS 26.4 अपडेट में देखने को मिल सकता है। यह अपडेट मार्च या अप्रैल तक जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
इस अपडेट के जरिए Apple अपने AI फीचर्स का प्रारंभिक डेमो या सीमित संस्करण पेश कर सकता है।

डेटा प्राइवेसी पर नजर
Apple यूजर्स के लिए डेटा सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा रहा है। ऐसे में Siri AI को लेकर यह देखना अहम होगा कि Apple अपने प्राइवेसी स्टैंडर्ड्स को किस हद तक लागू करता है और Google के साथ साझेदारी में पारदर्शिता कैसे बनाए रखता है।

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