‘दुनिया पागल नहीं है…’, सरकार से बातचीत के प्रस्ताव पर इकरा हसन का सवाल; धर्मेंद्र प्रधान को लेकर भी साधा निशाना

Vin News Network
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इकरा हसन का बड़ा बयान

विन न्यूज़ नेटवर्क। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार की ओर से बातचीत के संकेत मिलने के बाद समाजवादी पार्टी की कैराना से लोकसभा सांसद इकरा हसन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े जनआंदोलन का समाधान बंद कमरे में चुनिंदा लोगों से बातचीत करके नहीं निकाला जा सकता। यदि सरकार वास्तव में समाधान चाहती है तो बातचीत खुले मंच पर और आंदोलन में शामिल सभी पक्षों की मौजूदगी में होनी चाहिए।

इकरा हसन ने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्र और प्रतिनिधि पहले भी अपनी बात सरकार के सामने रख चुके हैं, लेकिन उस समय उनकी मांगों पर कोई स्पष्ट जवाब या आश्वासन नहीं दिया गया। ऐसे में अब अचानक बातचीत का प्रस्ताव देना सवाल खड़े करता है।

‘खुले मंच पर हो फैसला, तभी बनेगा भरोसा’

सपा सांसद ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक आंदोलन की अपनी प्रक्रिया होती है। यदि हजारों लोग किसी मुद्दे को लेकर धरना दे रहे हैं तो उनके भविष्य से जुड़े फैसले भी सार्वजनिक रूप से होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों को अलग कमरे में बुलाकर लंबी बैठक करना समाधान नहीं माना जा सकता। उनका कहना था कि जो भी निर्णय लिया जाए, वह आंदोलनकारियों और छात्रों के सामने ही लिया जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे और किसी तरह की गलतफहमी की गुंजाइश न बचे।

इकरा हसन ने कहा कि आंदोलन में शामिल अधिकांश छात्र भी यही चाहते हैं कि बातचीत सबके बीच हो और सरकार अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखे।

20 जुलाई की बैठक का किया जिक्र

इकरा हसन ने अपने बयान में 20 जुलाई को हुई उस मुलाकात का भी उल्लेख किया, जब आंदोलन के प्रतिनिधि सरकार से मिलने पहुंचे थे। उनके मुताबिक, प्रतिनिधियों को कई घंटे तक इंतजार कराया गया, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस जवाब नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि उस मुलाकात में आंदोलनकारियों ने अपनी चिंताएं विस्तार से रखीं, लेकिन सरकार की ओर से न तो कोई स्पष्ट आश्वासन मिला और न ही आगे की कार्ययोजना बताई गई। यही कारण है कि छात्रों के बीच असंतोष बना हुआ है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी उठाए सवाल

इकरा हसन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही को लेकर गंभीर है तो उसे इस मामले पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं पहले से चल रही थीं। ऐसे में यदि विपक्ष और आंदोलनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं तो सरकार इस पर विचार क्यों नहीं कर रही।

सपा सांसद के अनुसार, सरकार का यह रवैया उसकी जिद और अहंकार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और जवाबदेही दोनों जरूरी हैं।

जेपी नड्डा की भूमिका पर भी उठाए सवाल

इकरा हसन ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर बातचीत होनी थी तो संबंधित मंत्रालय के जिम्मेदार लोगों को आगे आना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा मामला है तो बातचीत में शिक्षा मंत्रालय की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए। उनके अनुसार, ऐसे मुद्दों पर जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को ही समाधान की प्रक्रिया का नेतृत्व करना चाहिए।

संसद के गतिरोध पर सरकार को बताया जिम्मेदार

संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध को लेकर भी इकरा हसन ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद सुचारु रूप से चलाना सरकार की जिम्मेदारी है और यदि विपक्ष अपनी मांगें रख रहा है तो सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन सरकार और विपक्ष के बीच किसी साझा मंच पर सहमति बनना भी उतना ही आवश्यक है। यदि बातचीत होगी तो संसद भी बेहतर तरीके से चल सकेगी और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा संभव होगी।

छात्र आंदोलन पर बढ़ती सियासी हलचल

दिल्ली में जारी छात्र आंदोलन अब केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है। इस मुद्दे पर लगातार राजनीतिक दलों के बयान सामने आ रहे हैं और संसद के भीतर भी इसे लेकर तीखी बहस देखने को मिल रही है।

इसी बीच इकरा हसन का बयान भी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि छात्रों की आवाज को गंभीरता से सुना जाए और किसी भी समाधान तक पहुंचने से पहले आंदोलन में शामिल सभी पक्षों को विश्वास में लिया जाए।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार आंदोलनकारियों के साथ किस तरह की वार्ता प्रक्रिया अपनाती है और क्या इससे लंबे समय से जारी विवाद का कोई स्थायी समाधान निकल पाता है।

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