कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर विवादित बयान दिया है। शुक्रवार को उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शब्दों को दोहराते हुए भारत की अर्थव्यवस्था को “डेड इकॉनमी” बताया। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह अमेरिकी टैरिफ के कारण संकट में आए भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाए।
राहुल गांधी ने कहा कि रूस से तेल खरीदने के कारण अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगा दिया है, जिससे देश का कपड़ा उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उनके इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे भारत विरोधी सोच करार दिया है।
राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि अमेरिकी टैरिफ और अनिश्चितता के कारण भारत के टेक्सटाइल निर्यातकों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं, ऑर्डर कम हो रहे हैं और नौकरियां जा रही हैं।
उन्होंने लिखा कि 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ भारत की “डेड इकॉनमी” की सच्चाई दिखा रहे हैं। राहुल गांधी का आरोप था कि सरकार ने न तो कोई राहत पैकेज दिया है और न ही इस मुद्दे पर खुलकर बात की है, जबकि करीब 4.5 करोड़ नौकरियां और लाखों छोटे-बड़े व्यवसाय दांव पर लगे हुए हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर बातचीत चल रही है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से टैरिफ, ऊर्जा नीति और कृषि बाजार को लेकर मतभेद बने हुए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में भारत के कई निर्यात उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक शुल्क लगाया गया था। इसमें रूस से तेल खरीद और ब्रिक्स समूह में भारत की भूमिका को भी एक कारण बताया गया। इसके जवाब में भारत ने भी कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगाया था।
हालांकि, कृषि क्षेत्र को लेकर बातचीत अब भी अटकी हुई है क्योंकि भारत किसानों के हितों को लेकर किसी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं है।
BJP का पलटवार: “समस्या डाटा में नहीं, बेटा में है”
राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी ने तीखा हमला बोला। पार्टी ने कहा कि समस्या “डाटा” में नहीं बल्कि “बेटा” यानी राहुल गांधी में है।
CNN-News18 से बात करते हुए बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी बार-बार भारत की अर्थव्यवस्था को बदनाम करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि IMF ने भारत की 2025 की आर्थिक वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत आंकी है।
IMF और RBI के आंकड़ों का हवाला
शहजाद पूनावाला ने कहा कि IMF ने भारत को दुनिया की ग्रोथ इंजन बताया है और यह भी कहा है कि भारत 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय यूनियन भारत के साथ “मदर ऑफ ऑल डील्स” करना चाहता है, जो भारत की आर्थिक ताकत को दिखाता है।
बीजेपी प्रवक्ता ने RBI के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि बीजेपी शासन में 9 करोड़ नौकरियां पैदा हुईं, जबकि यूपीए सरकार के दौरान केवल 2 करोड़ नौकरियां बनी थीं।
राहुल गांधी पर दोहरे रवैये का आरोप
बीजेपी ने राहुल गांधी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया। शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी केरल में EVM के नतीजे स्वीकार करते हैं, लेकिन कर्नाटक में वही EVM उन्हें स्वीकार नहीं होती।
उन्होंने राहुल गांधी को पाखंडी बताते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को भारत की किसी भी उपलब्धि पर भरोसा नहीं है और वह हर मुद्दे पर देश के खिलाफ बयान देते हैं।
IMF की ताजा रिपोर्ट क्या कहती है
इस पूरे विवाद के बीच IMF ने भारत को लेकर सकारात्मक रिपोर्ट जारी की है। IMF ने कहा है कि अमेरिकी टैरिफ दबाव के बावजूद भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है।
हालांकि IMF का यह भी अनुमान है कि 2026 और 2027 में भारत की ग्रोथ दर घटकर 6.4 प्रतिशत हो सकती है। इसका कारण अस्थायी और चक्रीय कारकों का कमजोर होना बताया गया है।
IMF ने यह भी कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ने संरक्षणवादी व्यापार नीतियों के बावजूद उम्मीद से बेहतर मजबूती दिखाई है।
सियासी बयानबाजी तेज
राहुल गांधी के “डेड इकॉनमी” बयान ने एक बार फिर आर्थिक मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। जहां कांग्रेस सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रही है, वहीं बीजेपी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के आंकड़ों के आधार पर भारत की मजबूती का दावा कर रही है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर चुनावी मंचों तक और तेज होने की संभावना है।