भारतीय वायुसेना (IAF) ने सोमवार को कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस परेड के भव्य समापन में शानदार हवाई प्रदर्शन कर देश की वायु शक्ति का प्रदर्शन किया। इस फ्लाई-पास्ट में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29, जैगुआर, अपाचे हेलीकॉप्टर और नौसेना के पी-8आई विमान सहित कुल 29 विमानों ने हिस्सा लिया। यह प्रदर्शन मई में शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय वायुसेना की भूमिका को समर्पित रहा।
कर्तव्य पथ पर 29 विमानों का समन्वित प्रदर्शन
गणतंत्र दिवस परेड के अंतिम चरण में भारतीय वायुसेना ने कर्तव्य पथ के ऊपर समन्वित फ्लाई-पास्ट किया। इस दौरान कुल 29 विमान आसमान में नजर आए, जिनमें 16 लड़ाकू विमान, चार परिवहन विमान और नौ हेलीकॉप्टर शामिल थे।
फ्लाई-पास्ट में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29, जैगुआर लड़ाकू विमान, अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और भारतीय नौसेना का समुद्री टोही विमान पी-8आई शामिल रहा।
‘सिंदूर फॉर्मेशन’ बना आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष के फ्लाई-पास्ट की विशेषता ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ रही, जिसे भारतीय वायुसेना की ‘स्पीयरहेड’ संरचना के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस फॉर्मेशन में दो राफेल, दो मिग-29, दो सुखोई-30 और एक जैगुआर विमान शामिल थे।
यह फॉर्मेशन मई में शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को समर्पित था, जिसे पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ शुरू किया गया था।
‘वज्रांग’ और ‘विजय’ फॉर्मेशन में दिखी तकनीकी क्षमता
फ्लाई-पास्ट के दौरान छह राफेल विमानों ने ‘वज्रांग फॉर्मेशन’ बनाया, जिसमें वायुसेना की रणनीतिक और परिचालन क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया।
इसके अलावा ‘विजय फॉर्मेशन’ ने विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान एक राफेल विमान ने राजपथ के उत्तर में जल चैनल के ऊपर 300 मीटर की ऊंचाई पर करीब 900 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरी और इसके बाद ‘वर्टिकल चार्ली’ युद्धाभ्यास किया।
क्या है ‘वर्टिकल चार्ली’ युद्धाभ्यास
‘वर्टिकल चार्ली’ के दौरान विमान बेहद कम ऊंचाई और तेज गति से उड़ान भरता है, फिर अचानक सीधी ऊंचाई की ओर चढ़ते हुए कई रोल करता है। यह युद्धाभ्यास विमान की शक्ति, थ्रस्ट क्षमता और पायलट के कौशल को दर्शाता है।
इस प्रदर्शन के दौरान कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों ने तालियों के साथ वायुसेना के साहस और तकनीकी दक्षता का स्वागत किया।
राफेल BS-022 की मौजूदगी पर विशेष चर्चा
भारतीय वायुसेना द्वारा जारी गणतंत्र दिवस वीडियो में राफेल लड़ाकू विमान BS-022 भी दिखाई दिया। इस विमान को लेकर पहले पाकिस्तान वायुसेना से जुड़े प्रचार माध्यमों ने दावा किया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इसे मार गिराया गया था।
भारत ने इन दावों को पहले ही खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि ऑपरेशन के दौरान किसी भी भारतीय राफेल विमान को नुकसान नहीं पहुंचा।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पृष्ठभूमि
‘ऑपरेशन सिंदूर’ मई में उस समय शुरू किया गया था, जब पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत हो गई थी। इसके बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए।
प्रारंभिक चरण में भारतीय वायुसेना ने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।
चार दिन चला सैन्य टकराव
सरकारी जानकारी के अनुसार, इन हमलों में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य और उसके चार करीबी सहयोगी शामिल थे।
इसके बाद पाकिस्तान की ओर से जवाबी सैन्य कार्रवाई की कोशिश की गई, जिसके चलते चार दिनों तक सीमा पार सैन्य टकराव चला। इसमें लड़ाकू विमान, मिसाइल और तोपखाने का इस्तेमाल हुआ।
वायुसेना के प्रदर्शन से मिला शक्ति का संदेश
गणतंत्र दिवस के इस भव्य फ्लाई-पास्ट ने न केवल भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता को प्रदर्शित किया, बल्कि हाल के सैन्य अभियानों में उसकी भूमिका को भी रेखांकित किया। कर्तव्य पथ पर हुए इस प्रदर्शन के साथ 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का औपचारिक समापन हुआ।