विन न्यूज़ नेटवर्क। दीपावली के अवसर पर रामनगरी अयोध्या में भव्य दीपोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस वर्ष अयोध्या अपने 10वें दीपोत्सव का स्वागत करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे सनातन संस्कृति के गौरव, आस्था और अयोध्या के प्राचीन वैभव की पुनर्स्थापना का प्रतीक बताया है।
उन्होंने कहा कि लाखों दीपों की रोशनी से जगमगाता सरयू तट, रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकियां, भव्य शोभायात्राएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम त्रेतायुग की स्मृतियों को जीवंत करेंगे।
हर दीप बनेगा प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा का प्रतीक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्री अयोध्या धाम अपने 10वें भव्य-दिव्य दीपोत्सव के स्वागत के लिए उत्साहित है। उन्होंने कहा कि, दीपोत्सव का प्रत्येक दीप प्रभु श्रीराम के प्रति अगाध श्रद्धा का प्रतीक होगा, जबकि उसकी लौ सनातन संस्कृति के गौरव का संदेश देगी।
इस वर्ष भी रामभक्त दीप प्रज्ज्वलन का विश्व कीर्तिमान बनाने के लिए तैयार हैं। दीपोत्सव के माध्यम से अयोध्या की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने की तैयारी है।
2017 से पहले की स्थिति का जिक्र कर पूर्ववर्ती सरकार पर साधा निशाना
सीएम योगी ने वर्ष 2017 से पहले की अयोध्या की स्थिति का उल्लेख करते हुए पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय रामनगरी उपेक्षा, अव्यवस्था और बदहाली का सामना कर रही थी।
मुख्यमंत्री ने रामभक्तों पर गोली चलवाने और हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद अयोध्या में विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया दौर शुरू हुआ।
राम मंदिर से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक विकास कार्यों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार अयोध्या को उसके प्राचीन वैभव के अनुरूप विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने भव्य श्रीराम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, सुसज्जित रामपथ, विकसित घाटों और आधुनिक सुविधाओं का उल्लेख किया। सीएम के मुताबिक, सोलर सिटी के रूप में विकसित होती अयोध्या आज धार्मिक आस्था और आधुनिक विकास के संगम के तौर पर उभर रही है।
1.71 लाख दीपों से शुरू हुआ था दीपोत्सव का सफर
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि, वर्ष 2017 में 1.71 लाख दीपों के साथ शुरू हुई दीपोत्सव की यात्रा आज देश-विदेश के करोड़ों रामभक्तों की आस्था और उत्साह का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन उन पीढ़ियों की आकांक्षाओं को भी अभिव्यक्त करता है, जिन्होंने अयोध्या को उसके प्राचीन और गौरवशाली स्वरूप में देखने का सपना संजोया था।
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव को आस्था की विजय, सांस्कृतिक स्वाभिमान और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि रामनगरी का यह आयोजन हर वर्ष नई पहचान स्थापित कर रहा है।
इस बार भी दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से विश्व कीर्तिमान बनाने की तैयारी है। दीपोत्सव के जरिए अयोध्या की धार्मिक विरासत, सांस्कृतिक परंपराओं और विकास की तस्वीर को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।