मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, मदीना के तैबा पावर स्टेशन पर हमले से मचा हड़कंप

Vin News Network
Vin News Network
5 Min Read
मदीना के बिजली स्टेशन पर ड्रोन हमला, हूतियों पर लगा पैगंबर की मस्जिद को निशाना बनाने का आरोप

विन न्यूज़ नेटवर्क। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना में एक बिजली वितरण केंद्र पर ड्रोन हमले की घटना सामने आई है। सऊदी नेतृत्व वाले यमन गठबंधन ने इस हमले के लिए यमन के हूति विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है।

गठबंधन के मुताबिक, 29 सितंबर की सुबह मदीना स्थित तैबा बिजली वितरण स्टेशन को ड्रोन से निशाना बनाया गया। यह स्टेशन पैगंबर की मस्जिद को बिजली आपूर्ति करने वाली सुविधाओं में शामिल है। हालांकि, हमले से बिजली के पूरे नेटवर्क पर असर नहीं पड़ा। हूतियों ने सऊदी अरब के आरोपों से इनकार किया है।

एक ट्रांसफॉर्मर हुआ बंद

सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि हमले के बाद स्टेशन का एक ट्रांसफॉर्मर सेवा से बाहर हो गया। हालांकि, बिजली वितरण व्यवस्था सामान्य रूप से चलती रही और पैगंबर की मस्जिद की बिजली आपूर्ति बाधित होने की सूचना नहीं है। सऊदी अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन के मलबे और घटना के बाद की जांच के आधार पर हूतियों की भूमिका सामने आई है।

हूतियों ने आरोपों को बताया गलत

दूसरी ओर, हूति समूह ने मदीना के इस हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया है। समूह का कहना है कि सऊदी अरब की ओर से लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। ऐसे में हमले की जिम्मेदारी को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। यही वजह है कि घटना को रिपोर्ट करते समय सऊदी गठबंधन के आरोप और हूतियों के इनकार, दोनों को ध्यान में रखना जरूरी है।

मुस्लिम देशों ने जताई चिंता

मदीना में बिजली ढांचे पर हमले की खबर के बाद कई मुस्लिम देशों और संगठनों ने प्रतिक्रिया दी है। इस्लामिक सहयोग संगठन यानी OIC के साथ संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, कुवैत और बहरीन ने घटना की निंदा की और सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई। OIC ने मदीना में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने को गंभीर घटना बताया।

पवित्र शहरों की सुरक्षा पर बढ़ा ध्यान

मदीना इस्लाम के सबसे पवित्र शहरों में शामिल है और यहां स्थित पैगंबर की मस्जिद दुनिया भर के मुसलमानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। ऐसे में मदीना के आसपास किसी भी सैन्य गतिविधि को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। सऊदी गठबंधन ने कहा है कि वह मक्का और मदीना सहित पवित्र स्थलों की सुरक्षा के लिए कदम उठाता रहेगा।

मक्का को लेकर भी सामने आए आरोप

मदीना की घटना से पहले सऊदी अधिकारियों ने हूतियों पर मक्का की ओर ड्रोन भेजने का भी आरोप लगाया था। सऊदी पक्ष के अनुसार, ड्रोन को पवित्र शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले रोक दिया गया। हूतियों ने इन आरोपों को भी खारिज किया है।

यमन संघर्ष में फिर बढ़ा तनाव

मदीना की घटना ऐसे समय सामने आई है जब यमन में हूतियों और उनके विरोधी बलों के बीच तनाव फिर बढ़ रहा है। 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में हुई युद्धविराम व्यवस्था के बाद क्षेत्र में लंबे समय तक अपेक्षाकृत शांति रही थी, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने तनाव को दोबारा बढ़ा दिया है। सऊदी अरब और हूतियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के साथ अब क्षेत्रीय सुरक्षा और लाल सागर में समुद्री मार्गों को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।

रणनीतिक ठिकानों पर हमलों का पुराना सिलसिला

हूतियों और सऊदी अरब के बीच संघर्ष में तेल और ऊर्जा से जुड़े प्रतिष्ठान पहले भी निशाने पर रहे हैं। 2022 में जेद्दा स्थित सऊदी अरामको के ईंधन भंडारण केंद्र पर हूतियों के हमले की रिपोर्ट सामने आई थी। ऐसे हमलों का असर केवल संबंधित देश तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।

मदीना के बिजली स्टेशन पर ताजा घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि यमन संघर्ष का विस्तार किस स्तर तक हो सकता है। फिलहाल सऊदी पक्ष हूतियों को जिम्मेदार ठहरा रहा है, जबकि हूति समूह ने आरोपों से इनकार किया है। आने वाले दिनों में जांच और आधिकारिक बयानों से घटना से जुड़े और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *