विन न्यूज़ नेटवर्क। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर हुए छात्र आंदोलन के बाद बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। जेजेडी प्रमुख तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद उनके भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब आंदोलन को लेकर सरकार और छात्र संगठनों के बीच सहमति बन चुकी है, तब आंदोलनकारियों और छात्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखना पूरी तरह अनुचित है।
पटना पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि जिन छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए आवाज उठाई, वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया और लोकतांत्रिक तरीके से छात्रों की मांगों के साथ खड़ा रहा।
‘समझौता हुआ तो फिर कार्रवाई क्यों?’
तेजस्वी यादव ने कहा कि आंदोलन के दौरान जिन छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर विभिन्न राज्यों में मुकदमे दर्ज किए गए थे, उन्हें वापस लेने पर सहमति बनी थी। ऐसे में बिहार में अब भी लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना कई सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि बिहार हमेशा लोकतांत्रिक आंदोलनों की धरती रहा है और यहां के युवाओं ने कई बार देश को नई दिशा दिखाई है। ऐसे राज्य में छात्रों और आंदोलनकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं मानी जा सकती।
सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
तेजस्वी यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह केवल अपील नहीं बल्कि सरकार के लिए चेतावनी है। उन्होंने मांग की कि छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए तथा उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो विपक्ष राज्यभर में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेगा। उनके मुताबिक लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रहेगा।
तेज प्रताप समेत कई नेताओं पर कार्रवाई
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान केवल छात्रों को ही नहीं बल्कि विपक्षी नेताओं को भी निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि कई अन्य विपक्षी नेताओं और विधायकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कई जिलों में छात्रों को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए। विपक्ष का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार पर सीधा हमला है।
मुख्यमंत्री पर भी साधा निशाना
मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और पुलिस का इस्तेमाल विरोध की आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने जरूरत से ज्यादा सख्ती दिखाई। हालांकि इन आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गिरफ्तारी के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
तेज प्रताप यादव को छात्र आंदोलन के दौरान कथित रूप से हंगामा और कानून-व्यवस्था बाधित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया।
उनकी गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। एक ओर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बता रहा है, वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।