पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक हाल के दिनों में एक बार फिर चर्चा में हैं। उनकी भूख हड़ताल और उससे जुड़े घटनाक्रम के बीच अब लोग उनकी आय के स्रोत और यूट्यूब से होने वाली कमाई को लेकर भी जानकारी तलाश रहे हैं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यूट्यूब से होने वाली उनकी कमाई पर आयकर (Income Tax) लागू होता है और क्या वह नियमित रूप से टैक्स का भुगतान करते हैं।
यूट्यूब और अन्य माध्यमों से होती है कमाई
रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनम वांगचुक “Wangchuk World” नाम से एक यूट्यूब चैनल चलाते हैं, जिसके लाखों सब्सक्राइबर हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुमान के मुताबिक, इस चैनल से उन्हें हर महीने लगभग 3 लाख से 7 लाख रुपये तक की आय हो सकती है। हालांकि यह एक अनुमानित आंकड़ा है और वास्तविक कमाई व्यूज़, विज्ञापनों और अन्य कारकों के आधार पर बदल सकती है।
यूट्यूब के अलावा उनकी आय के अन्य स्रोतों में देश-विदेश में दिए जाने वाले लेक्चर, कॉन्फ्रेंस, मोटिवेशनल स्पीकिंग और अन्य पेशेवर कार्यक्रम शामिल हैं। कुछ रिपोर्ट्स में उनकी अनुमानित नेटवर्थ करीब 75 लाख रुपये बताई गई है।
क्या यूट्यूब की कमाई पर टैक्स देना पड़ता है?
भारत में यूट्यूब, गूगल ऐडसेंस, स्पॉन्सरशिप, एफिलिएट मार्केटिंग और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से होने वाली आय को टैक्स के दायरे में रखा जाता है। ऐसी आय को आमतौर पर बिजनेस या प्रोफेशन से होने वाली आय माना जाता है। आवश्यक खर्चों को घटाने के बाद बची हुई आय पर लागू आयकर स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है। यदि कारोबार तय सीमा से अधिक हो तो जीएसटी (GST) के नियम भी लागू हो सकते हैं।
सोनम वांगचुक ने टैक्स भुगतान को बताया नैतिक जिम्मेदारी
सार्वजनिक बयानों में सोनम वांगचुक कई बार कह चुके हैं कि वे अपनी कमाई पर नियमित रूप से टैक्स का भुगतान करते हैं। हालांकि लद्दाख के कुछ क्षेत्रों के निवासियों को आयकर से जुड़ी विशेष छूट मिल सकती है, लेकिन वांगचुक का कहना है कि टैक्स देना उनका नैतिक दायित्व है और वे अपनी आय के अनुसार सरकार को पूरा टैक्स अदा करते हैं।