ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य के छोटे से कस्बे लेक कार्जेलिगो में गुरुवार को एक भयावह गोलीबारी की घटना हुई, जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। पुलिस ने यह भी कहा है कि संदिग्ध शूटर अभी भी फरार है और उसे तलाशने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस बीच, इलाके को सील कर दिया गया है और स्थानीय नागरिकों से घरों के अंदर रहने की अपील की गई है।
घटना के बारे में अधिकारियों ने बताया कि यह गोलीबारी देर दोपहर के समय हुई जब स्थानीय लोगों ने फायरिंग की आवाज सुनी और मौके पर आपातकालीन सेवाओं को फोन करके सूचना दी। पुलिस, एम्बुलेंस और अग्निशमन विभाग तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, दो महिलाएं और एक पुरुष घटनास्थल पर ही मृत पाए गए। एक अन्य पुरुष को गंभीर लेकिन स्थिर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी इलाज चल रहा है। पुलिस ने मृतकों की उम्र और पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन कहा गया है कि जांच में यह मामला प्राथमिक रूप से गोलीबारी का ही प्रतीत होता है।
पुलिस ने एक बयान में कहा, “लेक कार्जेलिगो में वर्तमान में एक बड़ी पुलिस ऑपरेशन जारी है। संदिग्ध व्यक्ति अभी भी लापता है और हमें उसे हिरासत में लेने के लिए हरसंभव प्रयास करना है। हम जनता से अनुरोध करते हैं कि वे इस क्षेत्र से दूर रहें और स्थानीय निवासी किसी भी तरह के बाहर जाने से परहेज करें।”
इस बीच, सिडनी मोर्निंग हेराल्ड ने रिपोर्ट किया कि पुलिस को विश्वास है कि आरोपी के पास एक लंबी दूरी की आग्नेयास्त्र (लॉन्ग-आर्म वेपन) है और वह कस्बे के भीतर कहीं छुपा हुआ हो सकता है। इसलिए इलाके के नजदीकी स्कूलों, दुकानों और आवासीय स्थानों के बाहर भी पुलिस गश्त जारी है।
लेक कार्जेलिगो न्यू साउथ वेल्स के सेंट्रल वेस्ट क्षेत्र में स्थित एक छोटा सा कस्बा है, जिसकी कुल जनसंख्या लगभग 1,100 है, जैसा कि 2021 की जनगणना में दर्ज किया गया था। इतना छोटा समुदाय अचानक इस प्रकार की हिंसा से स्तब्ध और शॉक में है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कभी भी इस तरह की गंभीर हिंसा की उम्मीद नहीं की गई थी, और यह घटना सभी के लिए बेहद सनसनीखेज है।
इस घटना ने ऑस्ट्रेलिया में अलग-अलग स्तर पर चिंता को जन्म दिया है, क्योंकि यह गोलीबारी हैनुका उत्सव पर बॉन्डी बीच में हुई एक बड़ी शूटिंग के ठीक एक महीने बाद आई है, जिसमें 15 लोग मारे गए थे। उस घटना को ऑस्ट्रेलिया में दशकों की सबसे गंभीर गोलीबारी बताया गया था। उस हमले के बाद ऑस्ट्रेलियाई संसद ने मंगलवार को नए कानून पास किए हैं, जिसमें राष्ट्रीय बंदूक खरीद कार्यक्रम को लागू करना और आग्नेयास्त्र लाइसेंस के लिए बैकग्राउंड चेक्स को और भी मजबूत बनाना शामिल है। इन सुधारों का मकसद इसी तरह की हिंसा को रोकना है।
स्थानीय अधिकारियों ने कहा है कि वे इस नई घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। पुलिस को संदिग्ध शूटर के बारे में भी अभी तक कोई ठोस पहचान नहीं मिली है, और न ही उसके चल-अचल संपत्ति या मोबाइल फोन संकेतों के बारे में कोई पुष्टि हुई है। जांच टीम अपराध स्थल से सबूत और गवाहों के बयान जुटा रही है ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके।
लेक कार्जेलिगो के मेयर ने बयान में कहा, “हमारी पहली प्राथमिकता है कि इस दुखद घटना में हमारे समुदाय को समर्थन मिले। हमारी संवेदनाएँ पीड़ित परिवारों के साथ हैं और हम स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर हर संभव मदद कर रहे हैं।” उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने का अनुरोध भी किया है।
जैसे-जैसे शाम ढलती जा रही है, पुलिस की गाड़ियाँ और एम्बुलेंस लगातार गश्त पर हैं। कुछ आस-पास के कस्बों से भी सशस्त्र बलों को बुलाया गया है ताकि सुरक्षा और तलाशी अभियान को तेज किया जा सके। स्थानीय निवासी बंदूक की आवाज़ सुनते ही अपने घरों में दुबके रहे, और कई लोगों ने खिड़कियों से बाहर झाँक कर देखा कि कैसे पुलिस इलाके का घेराव कर रही है।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि “राज्य सरकार संपूर्ण स्थिति की निगरानी कर रही है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त संसाधन भेजे जा रहे हैं। जनता से विनती है कि वह शांत रहें और पुलिस की सहायता करें।”
विशेषज्ञ मानते हैं कि छोटे कस्बों में इस तरह की हिंसक घटनाएँ बेहद दुर्लभ होती हैं, इसलिए इस गोलीबारी ने न केवल वहाँ के लोगों बल्कि पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और जनता की मानसिकता को प्रभावित किया है।
पिछले महीने बॉन्डी बीच पर हुई गोलीबारी के बाद से ही ऑस्ट्रेलिया में बंदूक नियंत्रण और सुरक्षा विषय पर बहस तेज थी। संसद द्वारा पारित नए कानूनों का उद्देश्य ऐसे अपराधों को रोकना कहा गया है, लेकिन अब यह स्पष्ट नहीं है कि वो कानून कब तक पूरी तरह लागू होंगे और क्या वे समय पर परिणाम देंगे।
विशेष रूप से, नए कानूनों में राष्ट्रीय स्तर पर बंदूक खरीद वापसी (गन बायबैक) योजना शामिल है, जिसमें लोग अपनी आग्नेयास्त्रें सरकार को सौंप सकते हैं और बदले में उनसे मुआवजा लिया जा सकता है। इसके अलावा, जो लोग हथियार रखना चाहते हैं, उन्हें पहले से भी कड़े बैकग्राउंड चेक से गुजरना होगा, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य और आपराधिक रिकॉर्ड दोनों की जांच शामिल है।
हालाँकि इस ताज़ा गोलीबारी ने सुरक्षा चिंताओं को और गंभीर रूप से उजागर कर दिया है, पुलिस का मानना है कि वह जल्द ही संदिग्ध शूटर तक पहुँच जाएगा और राज्य में शांति बहाल करेगा।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि इलाके में लगे CCTV फुटेज, स्थानीय फोन रिकॉर्ड और गवाहों के बयान जल्द ही उन्हें आरोपी के ठिकाने तक पहुँचने में मदद करेंगे।
जैसे-जैसे रात गहराती जा रही है, पूरा कस्बा पुलिस के बहाव और तलाशी अभियान के बीच शांत और भयभीत माहौल में डूबा हुआ है।