राजधानी दिल्ली से एक खौफनाक घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। दक्षिणी दिल्ली के खरक रिवाड़ा गांव में एक युवक ने अपने ही परिवार के तीन सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने धारदार हथियार और ईंट-पत्थर से अपने माता-पिता और बड़े भाई की जान ले ली। घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
सनसनीखेज हत्याकांड से सहमा इलाका
बुधवार को हुए इस सामूहिक हत्याकांड की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी सिद्धार्थ मानसिक रूप से अस्थिर और नशे का आदी था। आए दिन उसके परिवार से विवाद होते रहते थे। इस बार उसका गुस्सा इतना बढ़ गया कि उसने अपने ही परिवार का खून कर दिया।
धारदार हथियार और ईंट-पत्थर से हमला
पुलिस ने जब मौके का मुआयना किया तो पाया कि तीनों की हत्या बेहद बेरहमी से की गई थी तीनों के गले पर कई बार धारदार हथियार से वार किए गए। शवों के पास खून से सनी ईंट-पत्थर मिले। मृतका रजनी का मुंह कपड़े से बंधा मिला घटनास्थल से मिले हथियार और ईंट-पत्थर को पुलिस ने जब्त कर लिया है।
CCTV में आरोपी की झलक
पुलिस को पास के इलाके से CCTV फुटेज भी हाथ लगी है। इसमें आरोपी सिद्धार्थ हत्याकांड के बाद गली से बाहर जाता दिखाई दे रहा है। इसी आधार पर पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है।
पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से होगा
तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि मेडिकल बोर्ड की देखरेख में पोस्टमार्टम कराया जाएगा ताकि सटीक कारणों का पता चल सके।
आरोपी ने खुद स्वीकारा: “मैंने परिवार निपटा दिया”
मामले में बड़ा खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने पड़ोसियों और परिचितों से पूछताछ की। सिद्धार्थ के एक साथी ने बताया कि शाम को वह उससे मिला था। बातचीत के दौरान सिद्धार्थ ने साफ कहा— “मैंने आज अपने परिवार को निपटा दिया है, अब गांव में नजर नहीं आऊंगा।” इस बयान ने पुलिस की शंका को और पुख्ता कर दिया।
नशे और मानसिक बीमारी से जूझ रहा था सिद्धार्थ
पुलिस जांच में सामने आया कि सिद्धार्थ लंबे समय से नशे का आदी था। वह कोई काम नहीं करता था और इसी बात को लेकर अक्सर घरवालों से झगड़ा करता रहता था। पिछले 12 साल से वह मानसिक बीमारी का इलाज करवा रहा था। अलग-अलग संस्थानों से उसका इलाज चलता रहा। घर से पुलिस को कुछ दवाइयां और मेडिकल दस्तावेज भी मिले हैं। परिवार अक्सर उसे सुधारने की कोशिश करता, लेकिन सिद्धार्थ के बिगड़ते व्यवहार ने आखिरकार इस त्रासदी को जन्म दिया।
परिवार पर क्यों टूटा गुस्सा?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिद्धार्थ को माता-पिता और भाई के ताने बर्दाश्त नहीं होते थे। जब भी वे उसे नशे से दूर रहने और काम करने की सलाह देते, वह गुस्से में आ जाता। यही गुस्सा धीरे-धीरे उसकी मानसिक स्थिति को और बिगाड़ता चला गया और आखिरकार उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
गांव में मातम, लोग सहमे
गांव के लोगों ने बताया कि इस तरह की वारदात ने सभी को झकझोर दिया है। किसी ने सोचा भी नहीं था कि सिद्धार्थ इतना बड़ा कदम उठा सकता है। लोग परिवार की मौत पर शोक जता रहे हैं और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आरोपी की तलाश में विशेष टीम बनाई गई है।
घटना से उठे सवाल
यह मामला न केवल एक खौफनाक अपराध है, बल्कि समाज के लिए एक बड़ा सबक भी है। नशे और मानसिक बीमारी जैसी समस्याओं को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। अगर समय रहते इलाज और सही परामर्श नहीं मिले, तो यह स्थिति परिवार और समाज दोनों के लिए घातक बन सकती है।