भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) न्यूज़ीलैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के लिए स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत को टीम से बाहर करने का फैसला कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंत को 2025–26 सीज़न की आखिरी घरेलू वनडे सीरीज़ के लिए चुनी जाने वाली भारतीय टीम में जगह नहीं मिलेगी। यह सीरीज़ 11 जनवरी से 18 जनवरी के बीच खेली जानी है, जिसमें दुनिया की नंबर एक वनडे टीम भारत का सामना न्यूज़ीलैंड से होगा।
सीरीज़ का पहला वनडे 11 जनवरी को वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा मुकाबला 14 जनवरी को राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में और तीसरा व अंतिम वनडे 18 जनवरी को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में आयोजित होगा। बीसीसीआई चयन समिति द्वारा इस सप्ताह भारतीय टीम की आधिकारिक घोषणा किए जाने की संभावना है।
रविवार को स्पोर्ट्स तक की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि ऋषभ पंत को इस सीरीज़ के लिए ड्रॉप किया जा सकता है। 28 वर्षीय पंत फिलहाल घरेलू क्रिकेट में दिल्ली की कप्तानी कर रहे हैं और विजय हज़ारे ट्रॉफी 2025–26 में खेल रहे हैं। हालांकि, हालिया समय में उनका वनडे करियर ठहराव का शिकार रहा है।
पंत को इस महीने की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में भारत के दूसरे पसंदीदा विकेटकीपर-बल्लेबाज़ के तौर पर टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। वह आखिरी बार 7 अगस्त 2024 को श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भारत के लिए वनडे मैच खेले थे।
टीम चयन को लेकर चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि भारत के नियमित वनडे कप्तान शुभमन गिल अब पूरी तरह फिट हो चुके हैं। गिल गर्दन की चोट के कारण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज़ में हिस्सा नहीं ले पाए थे, लेकिन अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सीरीज़ में भारतीय टीम की कप्तानी करने के लिए तैयार हैं। इस सीरीज़ में न्यूज़ीलैंड की अगुवाई माइकल ब्रेसवेल कर सकते हैं।
ऋषभ पंत की संभावित बाहरगी के साथ ही ईशान किशन की वनडे टीम में वापसी की प्रबल संभावना जताई जा रही है। ईशान किशन को दो साल से अधिक समय बाद वनडे टीम में मौका मिल सकता है। उन्होंने भारत के लिए आखिरी वनडे मैच 11 अक्टूबर 2023 को अफगानिस्तान के खिलाफ दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में, 2023 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान खेला था।
हाल के महीनों में ईशान किशन का प्रदर्शन घरेलू क्रिकेट में शानदार रहा है, जिसने चयनकर्ताओं का ध्यान फिर से उनकी ओर खींचा है। उन्हें 20 दिसंबर को 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया था, जो उनके फॉर्म का साफ संकेत माना जा रहा है।
ईशान किशन ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) 2025 में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए। उन्होंने झारखंड की कप्तानी करते हुए टीम को इस प्रतिष्ठित घरेलू टी20 टूर्नामेंट का पहला खिताब जिताया। फाइनल मुकाबले में ईशान ने हरियाणा के खिलाफ पुणे में शतक जड़ा और अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
उनका शानदार फॉर्म यहीं नहीं रुका। विजय हज़ारे ट्रॉफी में भी ईशान किशन ने अपनी बल्लेबाज़ी से सबको प्रभावित किया। 24 दिसंबर को कर्नाटक के खिलाफ झारखंड की ओर से खेलते हुए उन्होंने महज़ 33 गेंदों में शतक पूरा किया। यह भारत के किसी बल्लेबाज़ द्वारा लिस्ट-ए क्रिकेट में लगाया गया दूसरा सबसे तेज शतक है, जिसने उन्हें एक बार फिर राष्ट्रीय चयन की दौड़ में सबसे आगे ला खड़ा किया है।
चयनकर्ताओं के सामने अब विकेटकीपर-बल्लेबाज़ को लेकर कठिन फैसला है। एक ओर अनुभव और टेस्ट क्रिकेट में मजबूत वापसी कर चुके ऋषभ पंत हैं, तो दूसरी ओर शानदार फॉर्म में चल रहे ईशान किशन, जिन्होंने सीमित ओवरों के क्रिकेट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। माना जा रहा है कि वनडे फॉर्म और हालिया प्रदर्शन को देखते हुए चयनकर्ता ईशान किशन को प्राथमिकता दे सकते हैं।
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ यह सीरीज़ भारत के लिए आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स की तैयारी के लिहाज़ से भी अहम मानी जा रही है। ऐसे में टीम संयोजन, खासकर विकेटकीपर-बल्लेबाज़ की भूमिका को लेकर लिया जाने वाला फैसला भविष्य की रणनीति तय कर सकता है। अब सभी की निगाहें बीसीसीआई द्वारा घोषित होने वाली आधिकारिक टीम पर टिकी हैं, जो यह साफ करेगी कि क्या ऋषभ पंत को बाहर बैठना पड़ेगा और क्या ईशान किशन की वनडे टीम में लंबे इंतज़ार के बाद वापसी होगी।