उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी को लेकर हलचल तेज हो गई है। सुभासपा प्रमुख और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव के बयान पर तीखा पलटवार किया है। दरअसल, शिवपाल यादव ने एक इंटरव्यू में राजभर और निषाद समाज को लेकर टिप्पणी की थी, जिसके बाद यह विवाद और गहरा गया।
राजभर ने इस बयान को “सामंती सोच” बताते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने वर्षों तक बहुजन समाज के हकों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि राजभर, निषाद, मौर्य, कुशवाहा समेत कई जातियों को “छोटा” और “तुच्छ” किसने बनाया, इसका जवाब सपा को देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान इन समुदायों को पर्याप्त रोजगार और अवसर नहीं दिए गए।
अपने बयान में राजभर ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में बहुजन समाज के साथ सबसे ज्यादा अन्याय हुआ। उन्होंने दावा किया कि आने वाले 2027 के चुनाव में यही बहुजन समाज सपा की “खटिया खड़ी” कर देगा और पार्टी को सत्ता से बाहर कर देगा।
वहीं, बढ़ते विवाद के बीच शिवपाल सिंह यादव ने सफाई देते हुए कहा कि उनका बयान तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उन्होंने बिना नाम लिए आरोप लगाया कि वीडियो को एडिट कर जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है, और इसके लिए भाजपा तथा उसके सहयोगियों पर निशाना साधा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे आगामी चुनावों से पहले सियासी माहौल और गर्म होने की संभावना है।