विन न्यूज़ नेटवर्क। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रयागराज में छात्रों से मुलाकात के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने 8 अगस्त को प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से जुड़ा एक पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने छात्रों की बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी व्यवस्था को लेकर उनकी चिंताओं का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में एक छात्र से हुई बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि प्रयागराज में एक छात्र ने उनसे कहा, ‘अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा।’ राहुल के मुताबिक, उस छात्र ने अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए वर्षों मेहनत की, परिवार की जमीन तक बेच दी और माता-पिता पर कर्ज भी बढ़ गया, लेकिन इसके बावजूद उसे रोजगार नहीं मिल पाया।
‘यह छात्र की नहीं, व्यवस्था की हार है’
राहुल गांधी ने छात्र की परेशानी को केवल एक व्यक्ति की समस्या मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थिति उस व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, जो युवाओं की मेहनत और उम्मीदों को उचित अवसर नहीं दे पा रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि युवाओं के सामने रोजगार और भविष्य को लेकर गंभीर चुनौतियां हैं। उनके मुताबिक, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्र लंबे समय तक मेहनत करते हैं, लेकिन नौकरी और स्थायी रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलने से उनका संघर्ष और मुश्किल हो जाता है।
अमित शाह की चुप्पी पर उठाया सवाल
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी सीधे तौर पर घेरा। उन्होंने दावा किया कि 13 दिन बीत जाने के बावजूद गृह मंत्री की ओर से इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को माफी मांगने के बजाय जवाबदेही तय करनी चाहिए।
उन्होंने अमित शाह को टैग करते हुए लिखा कि सरकार को यह नहीं समझना चाहिए कि विपक्ष जवाबदेही की मांग करना छोड़ देगा। राहुल गांधी ने राजधानी में छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर लाठीचार्ज और पैलेट के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
प्रयागराज में युवाओं से क्या बोले राहुल?
इससे एक दिन पहले प्रयागराज में छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने युवाओं की ताकत और देश की अर्थव्यवस्था में उनकी भूमिका पर बात की थी। उन्होंने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है और यही देश की सबसे बड़ी ताकत हो सकती है।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में रोजगार के आंकड़ों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि देश में हर एक हजार युवाओं में केवल 12 लोगों को स्थायी नौकरी मिल पाती है। उन्होंने छात्रों से कहा कि रोजगार का संकट केवल व्यक्तिगत परेशानी नहीं है, बल्कि इसका असर देश की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था पर भी पड़ता है।
‘दर्द, डेटा और दौलत’ पर छात्रों से चर्चा
प्रयागराज के कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से ‘दर्द, डेटा और दौलत’ जैसे मुद्दों पर संवाद किया। उन्होंने युवाओं से जुड़े आंकड़ों, रोजगार और देश की आर्थिक व्यवस्था को समझने की जरूरत पर जोर दिया।
राहुल गांधी ने युवाओं से भविष्य को लेकर व्यापक नजरिया रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति को सही अवसर और दिशा मिले तो देश की क्षमता कई गुना बढ़ सकती है। छात्रों के साथ संवाद के बाद अब उनके अमित शाह पर किए गए हमले ने इस मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।