प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नायर सर्विस सोसाइटी (एनएसएस) के संस्थापक मन्नाथु पद्मनाभन की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने मन्नाथु पद्मनाभन को एक ऐसे दूरदर्शी नेता के रूप में याद किया, जिनका पूरा जीवन समाज सेवा, समानता और सम्मान आधारित सामाजिक सुधार के लिए समर्पित रहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका यह विश्वास था कि किसी भी समाज की सच्ची प्रगति गरिमा, बराबरी और सुधार से ही संभव है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि मन्नाथु पद्मनाभन भारतीय समाज के उन महान व्यक्तित्वों में से थे, जिन्होंने अपने विचारों और कार्यों से समाज को नई दिशा दी। उन्होंने लिखा कि मन्नाथु पद्मनाभन का जीवन समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए समर्पित रहा, जिसे आज भी गहरे सम्मान के साथ याद किया जाता है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि मन्नाथु पद्मनाभन केवल एक समाज सुधारक नहीं थे, बल्कि एक ऐसे विचारक भी थे, जिन्होंने समय से बहुत आगे की सोच रखी। उनका मानना था कि जब तक समाज में हर व्यक्ति को समान सम्मान और अवसर नहीं मिलेगा, तब तक विकास अधूरा रहेगा। यही सोच उन्हें एक सच्चा दूरदर्शी बनाती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने खास तौर पर शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में मन्नाथु पद्मनाभन के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में किए गए उनके प्रयास आज भी प्रेरणा देते हैं। मन्नाथु पद्मनाभन ने शिक्षा को सामाजिक बदलाव का सबसे मजबूत माध्यम माना और समाज के हर वर्ग तक शिक्षा पहुंचाने के लिए काम किया। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं की स्थिति सुधारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर भी विशेष जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मन्नाथु पद्मनाभन का जीवन हमें यह सिखाता है कि समाज सुधार केवल शब्दों से नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास और समर्पण से होता है। उन्होंने अपने कार्यों के जरिए यह साबित किया कि संगठित प्रयासों से सामाजिक असमानता को दूर किया जा सकता है और एक समावेशी समाज का निर्माण किया जा सकता है।
मन्नाथु पद्मनाभन के विचार और सिद्धांत आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही एक न्यायपूर्ण और सशक्त भारत का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मन्नाथु पद्मनाभन का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
प्रधानमंत्री के इस संदेश को देशभर में सराहा जा रहा है, खासकर केरल और नायर समाज में, जहां मन्नाथु पद्मनाभन को एक महान समाज सुधारक और मार्गदर्शक के रूप में देखा जाता है। उनकी जयंती पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और संस्थाओं द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें उनके योगदान को याद किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी की यह श्रद्धांजलि न केवल मन्नाथु पद्मनाभन के ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने का प्रयास है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देती है कि समानता, गरिमा और सुधार के बिना विकास संभव नहीं है।