विन न्यूज़ नेटवर्क। BRICKS शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वैश्विक व्यवस्था को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने दुनिया में ताकत के आधार पर अधिकार तय करने की सोच को खारिज करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियम सभी देशों के लिए समान होने चाहिए। जिनपिंग ने ग्लोबल साउथ के देशों से एकजुट होकर बहुपक्षवाद को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में विकासशील देशों की भूमिका बढ़ाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया को ऐसे नियमों की जरूरत है, जिनका पालन सभी देश समान रूप से करें। उन्होंने इसकी तुलना ट्रैफिक व्यवस्था से करते हुए कहा कि अगर किसी चौराहे पर ट्रैफिक लाइट और नियम न हों तो वहां अव्यवस्था पैदा होना तय है। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट और समान नियमों के अभाव में अस्थिरता और टकराव बढ़ सकता है।
‘माइट मेक्स राइट’ की सोच छोड़ने की अपील
चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियम किसी एक देश या कुछ चुनिंदा शक्तियों द्वारा तय नहीं किए जाने चाहिए। नियम बनाने की प्रक्रिया में सभी देशों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ जैसी ताकत आधारित सोच को पुराना बताते हुए ‘माइट मेक्स राइट’ की अवधारणा को पीछे छोड़ने की जरूरत बताई।
जिनपिंग ने संप्रभु समानता, दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप से बचने और विवादों का शांतिपूर्ण समाधान जैसे सिद्धांतों को अंतरराष्ट्रीय संबंधों की बुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि किसी देश का आकार, आर्थिक ताकत या संपत्ति कुछ भी हो, अंतरराष्ट्रीय समुदाय में उसकी सदस्यता और अधिकार समान होने चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र को और मजबूत करने पर जोर
शी जिनपिंग ने BRICKS देशों से बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की भूमिका और उसके अधिकार को प्रभावी बनाने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार कर उन्हें ज्यादा प्रभावी और प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाने की बात कही।
उन्होंने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता बताई, ताकि विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं को वैश्विक फैसलों में अधिक प्रतिनिधित्व मिल सके। उनके इस रुख को पश्चिमी देशों के वर्चस्व वाली मौजूदा वैश्विक व्यवस्था पर परोक्ष संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।
BRICKS के लिए पांच बड़ी पहलों का प्रस्ताव
चीन ने BRICKS सहयोग को नई तकनीक और आर्थिक साझेदारी से जोड़ने के लिए पांच प्रमुख पहलों का प्रस्ताव रखा। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, व्यापार एवं निवेश, डिजिटल उद्योग, स्मार्ट विनिर्माण और विज्ञान एवं तकनीक को केंद्र में रखा गया है।
- AI के क्षेत्र में चीन BRICKS-AI ओपन सोर्स कम्युनिटी बनाने में नेतृत्व की भूमिका निभाएगा। इसका उद्देश्य बड़े भाषा मॉडल के विकास और इस्तेमाल में सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है। इसके अलावा प्रशिक्षण कार्यक्रम और विशेष संगोष्ठियों के आयोजन का भी प्रस्ताव रखा गया।
- व्यापार और निवेश के क्षेत्र में चीन ने BRICKS विशेष आर्थिक क्षेत्र साझेदारी की बात कही है। इसके माध्यम से नीतिगत समन्वय और व्यापार को आसान बनाने के लिए डिजिटल व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव है।
- डिजिटल उद्योग के लिए BRICKS डिजिटल इकोसिस्टम क्लाउड प्लेटफॉर्म और स्मार्ट विनिर्माण के क्षेत्र में स्मार्ट फैक्ट्रियों तथा साझा मानकों को बढ़ावा देने की योजना सामने रखी गई। वहीं विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में इंजीनियर प्रशिक्षण गठबंधन और युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया।
ग्लोबल साउथ को एकजुट करने की रणनीति
शी जिनपिंग ने BRICKS देशों से ग्लोबल साउथ के साथ अपने आर्थिक और राजनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की अपील की। उन्होंने आपूर्ति शृंखलाओं को सुरक्षित बनाने और एक बड़े एकीकृत बाजार के निर्माण की दिशा में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
कुल मिलाकर, चीन का संदेश स्पष्ट रहा कि BRICKS को केवल आर्थिक सहयोग का मंच न रखकर वैश्विक शासन व्यवस्था में विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने वाले समूह के रूप में आगे बढ़ाया जाए। जिनपिंग ने एकजुटता और सहयोग के जरिए ग्लोबल साउथ के लिए विकास का नया रास्ता तैयार करने का आह्वान किया।