गोरखपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को ₹268 करोड़ की लागत से निर्मित एवं 52 एकड़ में विस्तृत महायोगी गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, गोरखपुर का लोकार्पण किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहे।
सीएम योगी ने कहा, आज पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक दिन है जब राष्ट्रपति जी द्वारा गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश का यह आयुष का पहला विश्वविद्यालय है। यहां के युवाओं के लिए पारंपरिक चिकित्सा में एक नई रोजगार की संभावनाओं को विकसित करने में भी इस विश्वविद्यालय की बड़ी भूमिका होगी। सरकार ने तय किया है कि जहां आयुष पद्धति का अभी कोई महाविद्यालय नहीं है, उन मंडलों में भी एक-एक कॉलेज स्थापित करेंगे। हर जनपद में आरोग्यता के लिए एक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनेगा, जो कम से कम 100 बेड्स का होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आज आयुष मंत्रालय अपनी परंपरागत आरोग्यता की पद्धति का अनुसरण करते हुए संपूर्ण आरोग्यता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप भारत ‘हेल्थ टूरिज्म’ के एक नए डेस्टिनेशन के रूप में दुनिया को अपनी ओर आकर्षित कर सके। हर जनपद में आरोग्यता के लिए Health and Wellness Centre की स्थापना होगी। स्थानीय किसानों को ‘मेडिसिनल प्लांट’ के माध्यम से रोजगार की संभावनाओं से जोड़ा जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, गोरखपुर में बहुत तेज गति से विकास हो रहा है। गोरखपुर के टेराकोटा से जुड़े उत्पाद देश-विदेश में बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय हमारी समृद्ध प्राचीन परम्पराओं का नवनिर्मित तथा प्रभावशाली आधुनिक केंद्र है। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय परम्परा और आधुनिकता का नया प्रतिमान स्थापित करेगा। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, यह हमारी समृद्ध प्राचीन परम्पराओं का नवनिर्मित तथा प्रभावशाली आधुनिक केंद्र है। इस विश्वविद्यालय का लोकार्पण करके मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। यह लोकार्पण, उत्तर प्रदेश ही नहीं, अपितु पूरे देश में मेडिकल एजुकेशन और चिकित्सा विभाग के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।