विन न्यूज़ नेटवर्क। बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की वोटिंग शुरू होने से ठीक पहले राजधानी पटना में राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया, जब जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जक्कनपुर थाना प्रभारी (SHO) ऋतुराज कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उनकी पार्टी के दो समर्थकों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया और बाद में उन्हें कहीं और भेज दिया गया, जबकि पुलिस उनकी मौजूदगी को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान थाने में प्रशांत किशोर और SHO के बीच तीखी बहस भी हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रशांत किशोर ने लगाए गंभीर आरोप
मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि जक्कनपुर थाना पुलिस ने सत्तारूढ़ दल के दबाव में उनकी पार्टी के समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने दावा किया कि दो समर्थकों को बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किए थाने लाया गया और बाद में उन्हें किसी अन्य स्थान पर भेज दिया गया।
प्रशांत किशोर ने कहा कि पुलिस यह बताने की स्थिति में नहीं है कि दोनों लोगों को कहां ले जाया गया है और न ही इस संबंध में कोई स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए निष्पक्ष चुनाव पर सवाल उठाए।
‘अगर कुछ हुआ तो जिम्मेदारी SHO की होगी’
प्रशांत किशोर ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि उनके समर्थकों को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जक्कनपुर थाना प्रभारी पर होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई तय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का हवाला देकर जवाबदेही से दूरी बना रहे हैं। उनके अनुसार, कानून के तहत हर कार्रवाई का रिकॉर्ड होना चाहिए और पुलिस को इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
SHO के बयान पर और बढ़ा विवाद
थाने में हुई बातचीत के दौरान SHO ऋतुराज कुमार सिंह का एक बयान भी चर्चा का विषय बन गया। वीडियो में SHO यह कहते हुए सुनाई देते हैं कि, “आप इसलिए धमकी दे रहे हैं क्योंकि हम वर्दी में हैं, अगर वर्दी उतार देंगे तो आपके बराबर में आ जाएंगे।”
इस बयान के बाद विवाद और बढ़ गया। प्रशांत किशोर ने इसे पुलिस अधिकारी की अनुचित भाषा बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि एक जिम्मेदार अधिकारी से इस तरह की प्रतिक्रिया की अपेक्षा नहीं की जाती।
पुलिस ने क्या कहा?
मीडिया द्वारा जब SHO ऋतुराज कुमार सिंह से प्रशांत किशोर के आरोपों के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने उपलब्ध जानकारी साझा कर दी है। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपनी ड्यूटी कर रहे हैं और उन पर थाने के भीतर दबाव बनाया जा रहा है।
जब समर्थकों के ठिकाने के बारे में दोबारा सवाल किया गया, तो उन्होंने विस्तृत जवाब देने से परहेज किया और कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है।
उपचुनाव के बीच सियासी माहौल गरमाया
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान सामने आए इस घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। विपक्ष इस मामले को प्रशासनिक निष्पक्षता से जोड़कर देख रहा है, जबकि सत्तापक्ष की ओर से अभी तक इस पूरे विवाद पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदान के दिन इस तरह की घटनाएं चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, मामले की सच्चाई जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
थाने के भीतर हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के समर्थक अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक पक्ष पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
बांकीपुर उपचुनाव के बीच जक्कनपुर थाना और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के बीच हुआ विवाद बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर प्रशांत किशोर पुलिस पर गैर-कानूनी कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि वह नियमानुसार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। अब इस पूरे मामले पर प्रशासन की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।