कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मीडिया सेल के प्रमुख पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर असम पुलिस की एक टीम पहुंची है. इस कार्रवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के जवान भी वहां मौजूद रहे. यह पूरा मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई एक एफआईआर से जुड़ा है. पुलिस की यह टीम पवन खेड़ा से उनके हालिया बयानों को लेकर पूछताछ करने आई है.
विवाद की शुरुआत 5 अप्रैल 2026 को हुई, जब पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इस दौरान उन्होंने असम के मुख्यमंत्री और उनके परिवार की संपत्ति को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे. खेड़ा ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट हैं. उन्होंने सवाल उठाया था कि आखिर एक व्यक्ति को तीन पासपोर्ट रखने की जरूरत क्यों है और क्या इसके पीछे कोई आपराधिक गतिविधि छिपी है.
पवन खेड़ा ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी पूछा था कि क्या खुद मुख्यमंत्री के पास भी एक से ज्यादा पासपोर्ट हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जहां मुख्यमंत्री की राजनीति विरोध पर आधारित है, वहीं उनकी पत्नी कथित तौर पर दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट रखती हैं. खेड़ा ने भारत के कानून का हवाला देते हुए कहा कि यहां दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है. उन्होंने इस मामले में गृहमंत्री अमित शाह से एसआईटी जांच की मांग भी की थी.
इन आरोपों पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने रविवार को कहा था कि ये सभी आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी थी कि वे और उनकी पत्नी इस मामले में मानहानि और आपराधिक केस दर्ज कराएंगे. इसके अगले ही दिन, 6 अप्रैल को रिंकी भुइयां सरमा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर अब असम पुलिस की टीम दिल्ली पहुंची है.