प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिजोरम के लोगों को ऐतिहासिक तोहफा देते हुए शनिवार को राज्य की पहली रेलवे लाइन का उद्घाटन किया। 8,070 करोड़ रुपये की लागत से बनी बैराबी–सैरांग नई रेल लाइन के उद्घाटन के साथ ही मिजोरम की राजधानी आइजोल अब भारतीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ गई है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर तीन नई एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई, जिनमें राजधानी एक्सप्रेस के माध्यम से आइजोल और दिल्ली को सीधे जोड़ा गया है।
करोड़ों की विकास परियोजनाओं की सौगात
इस मौके पर पीएम मोदी ने 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इनमें खेल, शिक्षा, सड़क और ऊर्जा से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मिजोरम के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर के लिए परिवर्तन की जीवनरेखा साबित होगा।
मौसम की चुनौती के बावजूद जनता से जुड़ाव
खराब मौसम के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आइजोल नहीं पहुंच पाए और उन्होंने लेंगपुई हवाईअड्डे से ही कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “चाहे मैं आपके बीच उपस्थित न हो पाऊं, लेकिन आपके प्यार और स्नेह को महसूस कर रहा हूं।” उन्होंने मिजो समाज के साहस, सेवा और करुणा की सराहना करते हुए कहा कि आज का दिन मिजोरम और भारत दोनों के विकास इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा।
बैराबी–सैरांग रेल लाइन : बदलाव की जीवनरेखा
प्रधानमंत्री ने कहा, “कुछ वर्ष पहले मुझे आइजोल रेलवे लाइन की आधारशिला रखने का सौभाग्य मिला था। आज इसे देशवासियों को समर्पित करते हुए गर्व हो रहा है।” यह रेल लाइन केवल परिवहन का साधन नहीं है, बल्कि मिजोरम के लिए आर्थिक और सामाजिक बदलाव की जीवनरेखा बनेगी। राज्य के किसान और उद्यमी अब देश के बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी।
रोजगार और कारोबार के नए अवसर
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि इस विकास से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। राजधानी एक्सप्रेस के माध्यम से मिजोरम पहली बार दिल्ली से सीधे जुड़ा है। रेल कनेक्टिविटी से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय कारोबारियों और युवाओं को बड़ा फायदा होगा।
11 वर्षों में पूर्वोत्तर का कायाकल्प
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। ग्रामीण सड़कों, राजमार्गों, मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी, बिजली, नल का पानी और एलपीजी कनेक्शन जैसे बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि अब पूर्वोत्तर भारत का “विकास इंजन” बन रहा है।
जल्द शुरू होंगी हेलीकॉप्टर सेवाएं
केंद्र सरकार ने मिजोरम को हवाई यात्रा में भी आगे लाने की योजना बनाई है। प्रधानमंत्री ने बताया कि उड़ान योजना के तहत यहां बहुत जल्द हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू होंगी, जिससे राज्य के दूरदराज़ इलाकों तक पहुंचना आसान होगा।
मिजोरम के युवाओं के लिए अवसर
प्रधानमंत्री ने मिजोरम की प्रतिभाशाली युवा आबादी की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अब तक 11 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय शुरू किए जा चुके हैं और छह और खोले जाने की योजना है। उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर तेजी से स्टार्टअप्स का केंद्र बन रहा है। लगभग 4,500 स्टार्टअप और 25 इनक्यूबेटर इस क्षेत्र में कार्यरत हैं। इससे युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते खुल रहे हैं।
खेलों में मिजोरम की पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि मिजोरम की फुटबॉल सहित कई खेलों में चैंपियन देने की अद्भुत परंपरा रही है। खेलो इंडिया योजना के तहत आधुनिक खेल बुनियादी ढांचे का निर्माण हो रहा है, जिससे राज्य के खिलाड़ियों को और अवसर मिलेंगे। हाल ही में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खेल नीति भी पेश की है, जिससे खेल क्षेत्र में क्रांति आएगी।
वोकल फॉर लोकल और निवेश के नए अवसर
मोदी ने कहा कि वह “राइजिंग नॉर्थ ईस्ट” शिखर सम्मेलन के माध्यम से निवेशकों को पूर्वोत्तर की क्षमता का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। मिजोरम के बांस के उत्पाद, जैविक अदरक, हल्दी और केले देशभर में प्रसिद्ध हैं। वोकल फॉर लोकल के तहत यहां के कारीगरों और किसानों को विशेष लाभ होगा।
अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार
प्रधानमंत्री ने हाल ही में घोषित “अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार” का जिक्र करते हुए कहा कि इससे कई उत्पादों पर कर कम होंगे और आम परिवारों का जीवन आसान होगा। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले रोजमर्रा की जरूरत की चीज़ों पर 27 फीसदी टैक्स लगता था, जो आज घटकर सिर्फ 5 फीसदी रह गया है। नई दरों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयां और सीमेंट-निर्माण सामग्री भी सस्ती होंगी।
त्योहारों का मौसम होगा और भी खास
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्कूटर और कार बनाने वाली कंपनियां पहले ही कीमतें कम कर चुकी हैं। होटल और पर्यटन सेवाओं पर जीएसटी घटाकर 5% कर दिया गया है, जिससे यात्रा और ठहरने के खर्च में कमी आएगी। इससे त्योहारों के मौसम में देशभर के लोग अधिक यात्रा कर सकेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
“ऑपरेशन सिंदूर” का जिक्र
मोदी ने अपने भाषण में हाल ही के “ऑपरेशन सिंदूर” का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों ने आतंक को प्रायोजित करने वालों को सबक सिखाया और मेड इन इंडिया हथियारों ने इस अभियान में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र का विकास हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।
45 सुरंगें और 55 बड़े पुल: रिकॉर्ड तोड़ निर्माण
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बैराबी–सैरांग रेलवे लाइन भारतीय रेलवे के इतिहास की सबसे चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं में से एक रही है। इसमें 45 सुरंगें, 55 बड़े पुल और 87 छोटे पुल शामिल हैं। सैरांग के पास पुल संख्या 144 की ऊंचाई 114 मीटर है, जो कुतुब मीनार से भी ऊंचा है और देश का सबसे ऊंचा रेलवे पुल माना जा रहा है।
किन स्टेशनों को जोड़ेगी नई लाइन
इस मार्ग में बैराबी के अलावा चार मुख्य स्टेशन – होर्टोकी, कावनपुई, मुआलखांग और सैरांग शामिल हैं। पांच सड़क ओवरब्रिज और छह अंडरपास भी इस लाइन का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री ने सैरांग–दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, सैरांग–गुवाहाटी एक्सप्रेस और सैरांग–कोलकाता एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाई।
अन्य परियोजनाएं भी मिलीं
प्रधानमंत्री ने लॉन्गतलाई–सियाहा रोड पर छिमटुईपुई पुल, खेलो इंडिया बहुउद्देशीय इनडोर हॉल और आइजोल के मुआलखांग में एक एलपीजी बॉटलिंग प्लांट की आधारशिला भी रखी। साथ ही प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत कावर्था में एक आवासीय विद्यालय और त्लांगनुआम में एक एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय का भी उद्घाटन किया।
“एक विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्येक नागरिक, प्रत्येक परिवार और प्रत्येक क्षेत्र के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। लोगों के सशक्तिकरण से ही एक विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस यात्रा में मिजोरम के लोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।