विन न्यूज़ नेटवर्क। लखनऊ के वजीरगंज इलाके में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एसए अपार्टमेंट के एक हिस्से का पिलर अचानक नीचे की ओर धंस गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। किसी तरह की अनहोनी से बचने के लिए पूरे अपार्टमेंट को खाली करा लिया गया। बताया जा रहा है कि पांच मंजिला इस इमारत में करीब 25 परिवार रहते हैं।
सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने अपार्टमेंट के आसपास बैरिकेडिंग कर दी है और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDRF और NDRF की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। प्रशासन के अधिकारी लगातार भवन की स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
बालकनी में खड़ी थीं पत्नी, तभी नीचे धंस गया पिलर
अपार्टमेंट में रहने वाले मोहम्मद इस्माइल ने घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उनकी पत्नी उस समय घर की बालकनी में खड़ी थीं। अचानक बिल्डिंग के कोने की तरफ मौजूद एक पिलर नीचे बैठ गया। पिलर धंसने की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग घबरा गए।
इस्माइल के मुताबिक, उस समय ऐसा लगा जैसे तेज भूकंप आया हो। उन्होंने बताया कि उन्हें डर है कि कहीं इमारत का कोई और हिस्सा भी प्रभावित न हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कई महीनों से बिल्डिंग की स्थिति को लेकर मेंटेनेंस से जुड़े लोगों को जानकारी दी जा रही थी, लेकिन उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया।

डीएम ने कहा- सुरक्षा के लिए कराया गया खाली
लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी ने मौके पर पहुंचकर हालात का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि एक पिलर के बैठने की सूचना मिलने के बाद NDRF और SDRF की टीमों को बुलाया गया। फिलहाल लोगों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है, इसलिए पूरे अपार्टमेंट को खाली कराया गया है।
डीएम ने कहा कि जिन परिवारों के पास फिलहाल रहने की दूसरी व्यवस्था नहीं है, उनके लिए रैन बसेरे में रहने का इंतजाम किया जाएगा। प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और भवन की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
2010 में बना था एसए अपार्टमेंट
वजीरगंज में लाल मस्जिद के पास स्थित एसए अपार्टमेंट का निर्माण वर्ष 2010 में हुआ था। स्थानीय लोगों के मुताबिक इमारत में करीब 25 फ्लैट हैं। पिलर धंसने के बाद अब बिल्डिंग की सुरक्षा और निर्माण से जुड़े मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मोहम्मद इस्माइल ने बताया कि उन्होंने बिल्डिंग बनने के समय करीब 20 लाख रुपये में अपना फ्लैट खरीदा था। उनका कहना है कि उनकी पूरी जमा पूंजी इसी घर में लगी है। अब इमारत की सुरक्षा को लेकर परिवार के बीच चिंता बनी हुई है।
LDA से नक्शे और मानकों पर मांगी गई जानकारी
मामले के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से भी भवन के नक्शे और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों को लेकर जानकारी मांगी गई। LDA के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा से जब इस संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। फ्लैट के निर्माण मानकों और सुरक्षा से जुड़े सवालों पर फिलहाल स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
बारिश के बीच जर्जर भवनों पर प्रशासन की नजर
लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के बीच जर्जर और कमजोर भवनों को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जर्जर भवनों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम और प्रशासन की टीमें ऐसे भवनों को चिह्नित कर जरूरत के अनुसार उन्हें खाली कराने की कार्रवाई कर रही हैं।
फिलहाल एसए अपार्टमेंट में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। प्रशासन और बचाव दल भवन की स्थिति का आकलन कर रहे हैं। जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि पिलर धंसने की वास्तविक वजह क्या थी और इमारत आगे रहने के लिए कितनी सुरक्षित है।